रुद्रपुर की कृष्णा कालोनी में आमरण अनशन पर बैठे भाजपाईयों को संबोधित करते भाजपा नेता
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ट्रांजिट कैंप के वार्ड नंबर एक, दो और तीन में गृहकर और सड़क निर्माण की मांग को लेकर चले आमरण अनशन ने भाजपा को असहज कर दिया है। चौंकाने वाली बात रही कि जिन मांगों को लेकर अनशन हुआ, वे पूरी होने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे में अपनी ही पार्टी के मेयर के खिलाफ कुछ पदाधिकारियों की ओर से किए गए आंदोलन पर सवाल उठने लगे। आंदोलन को आगामी मेयर के चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा था। पार्टी की किरकिरी होने पर जिलाध्यक्ष ने तत्काल आंदोलन समाप्त कराया।
बता दें कि सोमवार को कृष्णा कालोनी में गृहकर और सड़क निर्माण की मांग को लेकर भाजपा जिला मोर्चा महामंत्री नीलम आर्या, माया श्रीवास्तव और भीमसेन शर्मा ने अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उन्होंने नगर निगम पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया था। बताया जा रहा कि मेयर ने भी आंदोलन को लेकर संगठन के आला पदाधिकारियों से नाराजगी जताई थी। खुद संगठन के पदाधिकारी भी इससे नाखुश थे। मंगलवार को जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने आंदोलनस्थल पर पहुंचकर समस्याओं को हल कराने का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया।
जिन दो मांगों को लेकर आंदोलन हो रहा था, वे पूरी हो चुकी हैं। कार्यकर्ताओं को समस्याएं जनप्रतिनिधि या पार्टी फोरम में रखने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो, इस बावत भी सचेत किया गया है।
-शिव अरोरा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
सभी वार्डों में एक सितंबर से स्वकर प्रणाली के आधार पर कर लगना शुरू हो चुका है। नगर निगम कर्मी घर-घर जाकर फार्म बांट रहे हैं। जिस सड़क के लिए आंदोलन किया जा रहा है, उसका टेंडर हो चुका है। वार्ड नंबर दो में एक करोड़ से अधिक रुपये के विकास कार्य होने जा रहे हैं। यह आंदोलन राजनीति से प्रेरित है।
सोनी कोली, मेयर, नगर निगम
अभी तक इन वार्डों में हाउस टैक्स का एक भी फार्म नहीं भरा जा सका है। सड़कों की स्थिति खराब है। जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने आंदोलन स्थल पर आकर समस्याएं दूर कराने का आश्वासन दिया तो आंदोलन खत्म कर दिया गया। हमारा आंदोलन राजनीति के लिए, नहीं बल्कि जनता के लिए था।
-राधेश शर्मा, जिला मंत्री, भाजपा