बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने आरक्षण के खेल को इस कदर खेला है, अब आरक्षण पूंजीपतियों की झोली में ज्यादा और गरीब की झोली से खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने दलितों के आरक्षण पर कुंडली मार दी है। यहां पीलीभीत रोड स्थित मैदान में आयोजित जनसभा में यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि दलितों के अधिकारों का हनन किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी को सोची समझी चाल बताते हुए कालेधन पर भी केंद्र सरकार को घेरा। साथ ही बसपा को अनुशासित पार्टी बताते हुए मतदाताओं से कुमाऊं के 29 प्रत्याशियों को रूबरू कराया और भारी मतों से जिताने की अपील की।
रविवार को सुबह 11:50 के घोषित कार्यक्रम में देरी से 1:30 बजे उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम व बसपा सुप्रीमो मायावती हेलीकाप्टर से यहां पहुंची। उन्होंने 38 मिनट के भाषण में केंद्र की भाजपा व उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार को आड़े हाथ लिया। मायावती ने कहा कि भाजपा का चुनावी घोषणा पत्र कोरा कागज होता है। चाहे भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही आज तक दलित, मुस्लिम व अल्पसंख्यक वर्ग के साथ छलावा करते आए हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में विदेशों से कालाधन लाकर सौ दिन के भीतर देश की जनता को 15-15 लाख रुपए खातों में देने का ऐलान किया था। जोकि अब जनता के सामने झूठा साबित हो चुका है। मायावती ने मोदी सरकार को नोटबंदी पर घेरते हुए कहा कि भाजपा ने अपने चहेतों का नोटबंदी से पहले काले धन को ठिकाने लगाने का पूरा खेल खेला।
जो अब जांच के दायरे में आ रहा है। कहा कि केंद्र सरकार ने अभी अपने जारी किए आम बजट में यह खुलासा नहीं किया कि कितना कालाधन सरकार के सामने आया। जातिगत की राजनीति करने वाली भाजपा के साथ ही कांग्रेस आज तक दलित वर्ग व गरीबों का उत्थान नहीं कर पाई है। सिर्फ आरक्षण की राजनीति से लोगों के अधिकारों पर कुठाराघात ही किया जाता रहा है। कहा कि यूपी में हमारी सरकार चार बार बनी। वहां की तरह यहां भी सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की तर्ज पर सरकार बनाएंगे। उन्होंने मतदाताओं से बसपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। सभा का संचालन प्रदेश प्रभारी प्रदीप कुमार जाटव ने किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष भृगुरासन राव, बसपा प्रत्याशी नवतेज पाल सिंह, जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार, इकशाद अहमद पटौदी, गुरसेवक सिंह महार, सदानंद आजाद, रामाशीष, मृदुल त्रिपाठी, जिला प्रभारी नरेश ग्रोवर, डा. दलबाग सिंह, सुखवंत सिंह, हरीश दूबे, जसकरन सिंह, भइये अंसारी आदि थे।