उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम (टीडीसी) से कार्यमुक्त होने के बाद विदाई के समय पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ. पीएस बिष्ट को टीडीसी के कर्मचारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने उन्हें कार्यालय में घेरकर उनके द्वारा किए गए एक दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश निरस्त करने की मांग की। साथ ही रुका हुआ वेतन भी दिलाने को कहा।
कर्मचारी डॉ. बिष्ट के चैंबर और उसके बाहर लगातार नारेबाजी करते रहे। इसी बीच पुलिस बल के साथ हल्दी स्थित टीडीसी मुख्यालय पहुंचे थानाध्यक्ष मनीष उपाध्याय ने आक्रोशित कर्मचारियों को शांत किया। उन्होंने कहा कि रिलीव हो चुका अधिकारी अब कोई भी निर्णय नहीं ले सकता। इसलिए कर्मचारी डॉ. बिष्ट को नए तैनाती स्थल पंत विवि में कार्यभार ग्रहण करने जाने दें। थानाध्यक्ष के समझाने पर कर्मचारियों ने आक्रोश भरे नारे लगाते हुए पूर्व प्रबंध निदेशक को परिसर से निकलने दिया।
टीडीसी चालक संघ के मंत्री ज्वाला प्रसाद मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इसलिए आक्रोशित होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि डॉ. बिष्ट प्रबंध निदेशक पद से नौ सितंबर को इस्तीफा दे चुके थे। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने एक दर्जन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले किए। यह नीतिगत फैसला था, जो वह नहीं ले सकते थे। वहां टीडीसी कर्मचारी संघ के महामंत्री रामकिशोर यादव, मजदूर कल्याण संघ के बैरिस्टर राय, लालजी सिंह, पुष्कर डोभाल आदि थे।