बाजपुर। गजरौला स्थित गुरुद्वारा नानकसर ठाठ में बाबा कुंदन सिंह की जन्म शताब्दी को समर्पित तीन दिनी धार्मिक समागम का शुक्रवार को समापन हो गया। पंजाब से आए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक बाबा बंता सिंह ने कहा कि संतों का जीवन चरित्र समाज को सतमार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
संत बाबा सुखदेव सिंह भुच्चो वालों ने कहा कि बाबा कुंदन सिंह ने सेवा और सिमरन से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रदेशों में गुरुघरों के निर्माण की शृंखला चलाई थी।
बाबा अमरजीत सिंह जी गालिब खुर्द वाले, भाई दिलजीत सिंह खालसा, ज्ञानी गुरु प्रताप सिंह सुगा, ज्ञानी त्रिलोक सिंह यूके, ज्ञानी जगदीश सिंह, बाबा पाल सिंह मोहम्मदी, बाबा गुरमीत सिंह, जत्थेदार गुरबख्श सिंह तरना दल, जत्थेदार जयमल सिंह आदि ने संगत को निहाल किया। मुख्य सेवादार बाबा प्रताप सिंह ने जत्थों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन हरपाल सिंह खालसा ने किया। वहां एसजीपीसी के प्रतिनिधि प्रताप सिंह, देवेंद्र सिंह, गुरमुख सिंह, अमरीक सिंह, सलवंत सिंह, कश्मीर सिंह आदि रहे।