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सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई बाइक, पिता-पुत्र की मौत

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सितारगंज बरुआबाग गांव में पिता-पुत्र की मौत पर विलखते परिजन। - फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर पिता-पुत्र की मौत हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में ले लिया है। पिता-पुत्र की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर छा गई। इधर, ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने बड़ी संख्या में पीएसी बल बुला लिया, जो सारा दिन कोतवाली में ही मुस्तैद रहा।
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बरुआबाग गांव के रहने वाले चंद्रमा प्रकाश तिवारी (42) पुत्र राम कृपाल तिवारी सिडकुल की गाजियाबाद प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में क्वालिटी सुपरवाइजर के पद कार्यरत थे। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे वह कंपनी से ड्यूटी कर घर लौटे। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे अपने 14 वर्षीय सबसे छोटे बेटे आलोक के साथ बाइक (यूके 06 एएफ 0216) से शनि मंदिर के लिए निकले थे।
बताया जाता है कि जैसे ही वे घर से मुख्य सड़क पर आए तो सड़क किनारे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी थी, जिसमें न तो रेडियम लगा था और ही कोई डिपर लाइट ऑन थी। अंधेरा होने की वजह से चंद्रमा प्रकाश उसे नहीं देख सके और ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गए। हादसे में दोनों पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
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आसपास के लोगों ने तत्काल दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने आलोक को मृत घोषित कर दिया जबकि उसके पिता चंद्रमा प्रकाश की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। इधर, हल्द्वानी ले जाते समय चंद्रमा प्रकाश ने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
हादसे में पिता-पुत्र की असमय मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी रिंकू तिवारी, बड़ी बेटी गीतांजलि और उससे छोटे बेटे विक्रांत तिवारी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष और विक्रांत गोल्डन पब्लिक इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र है जबकि मृतक आलोक ने गोल्डन स्कूल में ही नवीं कक्षा में प्रवेश लिया था।
हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में ले लिया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा। कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि हादसे की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर आने पर अज्ञात ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इधर, सीओ सुरजीत कुमार ने भी कोतवाली पहुंचकर हादसे की जानकारी ली और पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एक सप्ताह में तीन लोगों की मौत
सितारगंज। बरुआबाग गांव में पांच स्टोन क्रशर संचालित होने से सारा दिन भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। 31 दिसंबर को जेठानी की तेरहवीं के लिए सामान लेने निकली महिला मुन्नी देवी को डंपर ने कुचल दिया था। इस हादसे को दो दिन ही बीते थे कि शनिवार की रात इसी गांव के पिता-पुत्र की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। (संवाद)
सिडकुल की सड़क न बनने से ग्रामीणों में आक्रोश
सितारगंज। सिडकुल की सड़क न बनने से ग्रामीणों में बेहद आक्रोश है। अमर उजाला ने ग्रामीणों की राय जानी तो उन्होंने सरकार को जमकर कोसा। यहां तक कि हादसों के मामले में सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से हत्या करने का आरोप मढ़ दिया। कहा कि वह एसडीएम से लेकर सीएम और पीएम कार्यालय तक सड़क निर्माण की मांग रख चुके हैं लेकिन आज तक सड़क निर्माण नहीं हो सका। (संवाद)
शासन-प्रशासन से मांग करते हैं कि स्टोन क्रशर से जुड़े वाहनों के लिए आंतरिक मार्ग बनाया जाए या फिर क्रशरों को आबादी क्षेत्र से बंद किया जाए। मांग पर विचार नहीं किया गया उग्र आंदोलन किया जाएगा। पहले भी सड़क चौड़ीकरण और डिवाइडर लगाने की मांग की जा चुकी है। सरकार से सड़क निर्माण को लेकर सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। - हेमचंद्र भट्ट, अध्यक्ष, देवभूमि व्यापार मंडल सिसौना।
लॉकडाउन लगने के बाद से अब तक क्षेत्र में 18 से अधिक लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। सड़क पर हादसे नहीं हो रहे बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से हत्या की जा रही है। एक साल पहले आरटीआई के जरिये पता चला कि 76 हादसे हुए थे। इसकी रिपोर्ट पीएम कार्यालय तक भेजी लेकिन उसके बाद भी सड़क को लेकर कोई कार्यवाही नहीं हुई और सरकार बजट न होने का बहाना बनाकर यहां के लोगों की हत्या कर रही है। - मोहन जोशी, ग्रामीण सिसौना।
क्षेत्र की यह सड़क खूनी सड़क बन गई है। हमने कई बार कहा कि स्टोन क्रशर के वाहनों के लिए बाईपास बनाया जाए या स्टोन क्रशर बंद किया जाए। ग्रामीणों के घर बर्बाद हो रहे हैं। सरकार कुछ तो करे। कोई सुनने वाला नहीं है। दुर्घटनाओं में लोग अंगविहीन हो रहे हैं या फिर मौत हो रही है। सरकार नहीं सुनेगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। - जया जोशी, वरिष्ठ समाज सेवी, सिसौना।
दस पुलिस कर्मियों की मांग का पत्र एसएसपी को भेजा
सितारगंज। सिडकुल सड़क पर लगातार हादसों को रोकने के लिए सीओ सुरजीत कुमार ने एसएसपी दलीप सिंह कुंवर को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने 10 सिपाहियों की आवश्यकता जताई है। कहा कि पुलिस कर्मियों की कमी के कारण नंधौर और कैलाश नदी से चलने वाले हजारों वाहनों को नियंत्रित करने में दिक्कत आ रही है।
हादसों को रोकने के लिए कम से कम 10 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाना जरूरी है ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। इसके अलावा एसएसपी को पत्र लिखकर सीओ ने जर्जर सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण को भी बेहद जरूरी बताया। कहा कि सड़क निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों से पत्राचार करने की गुजारिश भी की है ताकि सड़क के गड्ढों में जाकर नियंत्रण खो देने वाले वाहनों से हादसे थम सके। (संवाद)
4.90 करोड़ का प्रस्ताव शासन में लंबित
सिडकुल को जाने वाली सड़क पर बरुआबाग गांव से लेकर सिद्ध गर्ब्यांग गांव तक करीब पांच किमी सड़क की मरम्मत होनी है। इसके लिए विभाग ने 4.90 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। बीते 14 दिसंबर को शासन में विभागीय समिति की लोनिवि सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति मिल गई है। शासन में स्वीकृति मिलने के बाद की मरम्मत कराई जाएगी। - सतपाल सिंह, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि, सितारगंज।

मृतक आलोक तिवारी। (फाइल फोटो)- फोटो : SITARGANJ

मृतक चंद्रमा प्रकाश तिवारी। (फाइल फोटो)- फोटो : SITARGANJ

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