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मोटी रकम पर लेनदेन में बैंकों की जोनल टीमें भी पड़ताल को पहुंची

Sat, 17 Dec 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
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 नोटबंदी के चलते नई करेंसी के साथ मोटी रकम की लेनदेन करने वाले कुछ बैंक शाखाओं के कारनामे अब उन बैंकों के जोनल आफिस तक पहुंचने से मामला और गरमा गया है। आयकर विभाग और आईबी बैंकों की पड़ताल में जुटी है। वहीं शुक्रवार को कुछ बैंकों के जोनल आफिस से भी उनके अधिकारी अपनी-अपनी शाखाओं में लेनदेन के मामलों सहित ट्रांजिक्शन आदि की जानकारी को भी पहुंचे।
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 काशीपुर रोड स्थित देना बैंक की शाखा में शुक्रवार को जोनल आफिस देहरादून से पहुंची अधिकारी नीलम ने जानकारी जुटाई। देना बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष गड़कोटी का कहना है कि बैंक के लेनदेन की जानकारी सहित अन्य मामलों की जांच समय-समय पर जोनल आफिस से की जाती है। शुक्रवार को दिनभर यह भी चर्चा रही कि रुद्रपुर शहर में आरबीआई की टीम पहुंची है, जो कि गोपनीय ढंग से अपनी पड़ताल कर रही है। हालांकि स्थानीय खुफिया विभाग को भी रुद्रपुर में आरबीआई की टीम की जानकारी नहीं हो पाई, लेकिन सूत्रों का कहना है कि शहर के एक तीन सितारा होटल में बृहस्पतिवार रात को टीम पहुंची जहां से वह शुक्रवार सुबह 11 बजे शहर के विभिन्न बैंकों की शाखाओं में जाकर उन्होंने जानकारी जुटाई है। शहर के कई बड़े लोगों जिन्होंने नई करेंसी के साथ मोटी रकम का लेनदेन किया है वह सीए की शरण में भी गए, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी।


नोटबंदी के 38 दिन बाद यूं तो रुद्रपुर शहर के हालात में काफी हद तक सुधार आया है लेकिन अभी भी बैंकों में भीड़ कम नहीं हुई है। बैंक अपनी क्षमता के अनुसार कैश देने लगे हैं। शुक्रवार को लीड बैंक अधिकारी मधुसूदन सुमन ने भी दावा कर दिया है कि अब बैंकों में कैश की दिक्कत धीरे-धीरे खत्म होने लगी है। एक सप्ताह के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी। बृहस्पतिवार से आयकर विभाग और आईबी की सख्त कार्रवाई से लोग सीए और वकीलों के माध्यम से कानूनी तरीके निकालकर नोटबंदी की समस्या से समाधान करना चाह रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार के कड़े रुख के कारण अपनी आय को अत्यधिक बड़ा दिखाना अथवा पुरानी आयकर रिटर्न्स को बदलना संभव नहीं हो पा रहा है।
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कुछ लोग जिन्होंने हाल ही में बैंकों से मोटी रकम का लेनदेन किया है इस तरह के लोग संपर्क कर रहे हैं। उन्हें सुझाव दिया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा काला धन घोषित करने की योजना का उपयोग करें। हम लोगों को यह भी बता रहे हैं कि पचास प्रतिशत आयकर देकर परेशानी से बचा जा सकता है। यह भी बताया जा रहा है कि 50 प्रतिशत आयकर के अतिरिक्त 25 प्रतिशत गरीबी उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार के बांड में जमा करना होगा जिसका भुगतान चार वर्ष बाद कर दिया जाएगा। इस प्रकार नोटबंदी के बाद सीए और वकीलों के यहां पहुंची भीड़ यह भी बताती है कि अभी काफी लोग कालाधन को सफेद करने के जुगत में लगे हैं। बैंकों ने जहां नई करेंसी के साथ कमीशन का खेल खेला है वह किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएंगे।
- शिव अरोरा, सीए, रुद्रपुर


यूं तो नोटबंदी के बाद से ही काफी लोग संपर्क में जरूर आए, लेकिन पिछले दो-तीन दिन से भी काफी लोगों ने संपर्क किया है। उन्हें भी सलाह यही दी जा रही है कि हाल ही में जो नई आयकर रिटर्न भरने पर भी उसकी जांच होना संभव है। यह भी बताया जा रहा है कि पुरानी आयकर रिटर्न्स को बदलना मुश्किल है। बैंकों में सांठगांठ के जरिए जो मोटी रकम का लेनदेन है उसमें दोनों पक्षों का फंसना तय है, इसमें बचने का कोई रास्ता नहीं है।
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- अशोक सिंघल, सीए, रुद्रपुर
 
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