फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पट्टाधारकों को भूमिधरी अधिकार का शासनादेश जारी

Wed, 07 Oct 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
राज्य सरकार ने जनपद में पुनर्वास योजना के तहत विस्थापित होकर आए परिवारों को आवंटित भूमि पर मूल पट्टाधारकों एवं काबिज पट्टाधारकों को भूमिधरी अधिकार दिए जाने का शासनादेश जारी कर दिया है। इससे यहां के लोगों की दशकों पुरानी मांग पूरी होती दिख रही है। चुनावी वायदे के मुताबिक भूमिधरी के लिए कारगर पहल करने पर क्षेत्रवासियों ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का आभार जताते हुए उनके पुत्र सौरभ बहुगुणा का जोरदार स्वागत किया।
विज्ञापन

 विस्थापित होकर आए बंगाली परिवारों को पुनर्वास योजना के तहत मिली जमीनों में मालिकाना हक नहीं मिलने से हो रही असुविधा के कारण बंगाली समुदाय पिछले पांच दशकों से पट्टे की जमीनों पर भूमिधरी अधिकार की मांग करते आ रहे थे। सितारगंज उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भूमिधरी अधिकार देने का वायदा कर लोगों में आस बंधाई थी। मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने से पूर्व विजय बहुगुणा ने 27 जनवरी 2014 को इसका शासनादेश भी जारी किया था। परंतु निजाम बदलने के साथ ही इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों ने कई बार पूर्व सीएम विजय बहुगुणा व उनके पुत्र से शासनादेश का पालन करवाने की गुहार लगाई। पिछले दिनो पूर्व सीएम ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर भूमिधरी के मामले में नाराजगी जाहिर की। जिस पर सीएम ने शीघ्र इसे लागू करने का भरोसा दिया। तीन अक्तूबर को शासन में सचिव डीएस गर्ब्याल ने डीएम को भेजे पत्र में जिला पुनर्वास कार्यालय द्वारा पट्टे पर आवंटित समस्त भूमि को भूमिधरी अधिकार देने, राज्य स्थापना दिवस तक काबिज कब्जेदारों को मूल पट्टाधारकों की सहमति से वर्ष 2013 के सर्किल दर के आधार पर नजराना जमा कर संक्रमणीय अधिकार देने एवं मूलपट्टाधारक व कब्जेदार के मध्य विवाद की स्थिति में डीएम द्वारा केस टू केस की सुनवाई के उपरांत संक्रमणीय अधिकार का पक्ष स्पष्ट कर राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश दिए। शासनादेश की प्रति लेकर पहुंचे सौरभ बहुगुणा का विभिन्न गांवों में लोगों ने जोरदार स्वागत किया। कहा कि भूमिधरी लागू होने से यहां के लोगों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है। इससे यहां के जमीनी विवाद को विराम लगने के साथ ही विकास के नए आयाम का आगाज होगा। वहां  पर मंडी समिति चेयरमैन अमरजीत सिंह कटवाल, नगर पंचायत चेयरमैन सुकांत ब्रह्म, रविंद्र नाथ सरकार, गुरजीत सिंह, संजय बछाड़, उदय सिंह राणा, सुरेश सरकार, ब्रजेन मंडल, धीमान सेन, परेश मंडल, बिरींची ब्राइन, विष्णु प्रमाणिक, सुबल विश्वास, प्रशांत मंडल, राजेश अग्रवाल, शंकर गोलदार, जयंत विश्वास, नारायण हालदार, उत्तम शील, प्रभाकर कुमार आदि थे।
विज्ञापन


-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें