खटीमा। कंजाबाग क्षेत्र निवासी भावना भट्ट पिछले 10 वर्षों से ऐंपण, कुमाऊंनी आर्ट और रंगोली में काम कर क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। उनके तैयार किए गए ऐंपण के उत्पादों की मांग दिल्ली, देहरादून, उज्जेन आदि शहरों तक है।
भावना भट्ट बताती हैं कि उन्होंने मां पूर्णागिरि हस्तकला केंद्र नाम से अपना उद्यम खोला है। इसके माध्यम से वह उत्तराखंड और दूसरे राज्यों में लगने वाले विभिन्न मेलों और प्रदर्शनी में ऐंपण के अपने उत्पादों के स्टॉल लगाती हैं, जिसमें उनके उत्पादों को काफी पसंद किया जाता है। वह बताती हैं कि गाय के गोबर से भी विभिन्न उत्पाद और पेंटिंग बनाती हैं, जिनकी उत्तराखंड में काफी मांग है। भावना ने बताया कि पहले वह एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं, लेकिन अपने व्यवसाय में पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्होंने स्कूल छोड़ दिया। आज वह ऐंपण कला पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वह बताती हैं कि इस कार्य से उन्हें महीने में 25 हजार तक की आमदनी आसानी से हो जाती है।