भगवती प्रोडक्ट्स के गेट पर धरना प्रदर्शन करते आक्रोशित श्रमिक।
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भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड कंपनी ने चार साल से काम कर रहे 303 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। शनिवार को कंपनी प्रबंधन ने इसका नोटिस चस्पा किया तो श्रमिक विरोध में उतर आए। उन्होंने कंपनी गेट पर धरना दे दिया। आक्रोशित कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। सहायक उपश्रमायुक्त ने कंपनी प्रबंधन को नोटिस भेजकर कार्यालय में समझौता वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
शनिवार को भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड के श्रमिक कंपनी पहुंचे। इस दौरान उन्हें गेट पर एक नोटिस चस्पा मिला, जिसमें 303 कर्मचारियों के नौकरी से निकाले जाने की सूचना थी। इस पर आक्रोशित कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर उनके कॅरियर से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। इसके बाद आक्रोशित कर्मचारी विरोध में कंपनी के गेट पर धरने पर बैठ गये। कर्मचारियों ने कहा कि वह कंपनी की इस तैयारी को पहले ही भांप चुके थे। उन्होंने इस संबंध में बृहस्पतिवार को डीएम डॉ. नीरज खैरवाल और डीएलसी को पत्र भी दिया था।
सहायक उप श्रमायुक्त उम्मेद सिंह चौहान की ओर से कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच समझौता वार्ता करवाने के लिए दो बार नोटिस भेजने के बावजूद कंपनी प्रबंधन का कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंचा। सहायक उप श्रमायुक्त ने कहा कि कंपनी ने कर्मचारियों की छंटनी का नोटिस चस्पा कर यह सूचना दी है कि उनके पास उत्पाद बनाने की मांग कम हो गई है, जिसके चलते कंपनी घाटे में जा रही है।
उधर, इस संबंध में कंपनी प्रबंधक नरेंद्र त्यागी के नंबर पर जब फोन किया गया तो संपर्क नहीं हो सका। कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी गेटबंदी वापसी नहीं ली गई तो वह कंपनी गेट के आगे उग्र आंदोलन करेंगे। वहां पूनम सिंह, प्रवेश कुमार, चारु पांडे, तेजपाल, ज्योति हैदर, रुपाली यादव, मनोज कुमार, आरती शाह, अर्जुन सिंह, पायल कुमारी, मेघा बोरा आदि थे।