भगवंतपुर गांव में मुहर्रम को लेकर निकाले जा रहे जुलूस को दूसरे पक्ष की ओर से रोकने पर बखेड़ा हो गया। इससे दोनों पक्षों में तनातनी का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया। इस दौरान मची अफरातफरी में एक महिला चोटिल हो गई। ऐहतियात के तौर पर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है।
भगवंतपुर गांव में मुहर्रम से पहले जिस परिवार में मौत होती है, महिलाएं वहां गम में शरीक होती हैं। उसी परिवार की एक छोटी बच्ची को हूर के रुप में सजाकर उसे गांव में घुमाया जाता है। मंगलवार रात भी हूर का जुलूस निकाला जा रहा था। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने जुलूस को रोक दिया, इससे माहौल गरमा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों ही पक्ष बात सुनने को तैयार नहीं हुए।
पुलिस ने भीड़ को हटाया तो इस दौरान मची अफरातफरी में महिला सर्वेश गिरकर चोटिल हो गई। उसे 108 एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। मामला तूल पकड़ता देख एएसपी कमलेश उपाध्याय, एसडीएम युक्ता मिश्र, सीओ राजीव मोहन भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। एक पक्ष के लोगों का कहना था कि हर साल मुहर्रम पर यह परंपरा निभाई जाती है। लेकिन इस बार आधा रास्ता तय करने के बाद दूसरे पक्ष ने इसे रोक लिया। दूसरे पक्ष ने कहा कि स्कूल के पास नोमी मठ के निर्माण में अड़ंगा डाला जा रहा है।
पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। सीओ ने मामले को दो दिन बाद सुलझाने की बात कहकर दोनों पक्षों को उनके घर भेज दिया। बुधवार को गांव में शांति रही। सीओ राजीव मोहन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से दो कंपनी पीएसी गांव में तैनात की गई है। माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उधर, कांग्रेसी नेता आदेश चौहान, जाकिर हुसैन ने गांव में जाकर ग्राम प्रधान समेत दोनों पक्षों से बातचीत की।
भगवंतपुर गांव में हूर रोकने की सूचना से जसपुर में भी लोगों में आक्रोश पनप गया। उन्होंने रात को मेहंदी निकालने से मना कर दिया। सीओ राजीव मोहन, कोतवाल नरेश चंद्र के समझाने के बाद ही लोग माने। लोगों ने दो घंटे देरी से मेहंदी निकाली गई। इस मौके पर तहसीलदार संजय सिंह, काशीपुर कोतवाल ओमप्रकाश, एसओ कुंडा संजय पाठक मौजूद रहे।