रुद्रपुर। दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शिरकत करने के लिए तराई से लगातार किसान और कांग्रेसी कार्यकर्ता जा रहे हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ भी 20 कार्यकर्ताओं के साथ रामपुर बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों को चकमा देकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे और किसानों के साथ धरने पर बैठे। उन्होंने सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
शुक्रवार सुबह करीब छह बजे पूर्व मंत्री बेहड़ के साथ कार्यकर्ता पांच कारों में गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुए। रामपुर बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पूर्व मंत्री बेहड़ की कार को रुकवा लिया। पुलिसकर्मियों ने आला अधिकारियों से वार्ता के बाद ही बेहड़ को आगे जाने देने की बात कही। पुलिसकर्मी अधिकारियों से बात करने में उलझे रहे, वहीं बेहड़ की कार आगे निकल गई। इसके बाद सभी कांग्रेसी गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने में शामिल हुए।
पूर्व मंत्री बेहड़ ने कहा कि देश के किसान आज केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलित हैं। लंबे समय से किसान कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना डटे हुए हैं लेकिन किसानों की सुनवाई केंद्र सरकार नहीं कर रही है। वे खुद भी किसान हैं और किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं। किसानों से वार्ता करने के बजाय जगह-जगह पर किसानों को दिल्ली आने से रोका जा रहा है।
यूपी के कई जिलों में पुलिसकर्मियों ने किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां रोकी हैं। रामपुर और मुरादाबाद के बीच टोल प्लाजा पर खटीमा के किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पुलिस ने रोका है। किसानों के खिलाफ बनाए काले कानूनों को वापस लेने की मांग पूरे देश के किसान कर रहे हैं। वहां जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष सुभाष बेहड़, जगतार सिंह बाजवा, प्रीत ग्रोवर, दिनेश पंत, अरुण पांडेय, मनवीर सिंह, इंदरजीत सिंह, विक्रमजीत सिंह, भीम ठुकराल, साहब सिंह, अवतार सिंह, अमरदीप सिंह आदि थे। (ब्यूरो)
किसान रैली की सफलता पर जताया आभार
रुद्रपुर। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान ने कृषि कानूनों के समर्थन में हुई किसान रैली की सफलता के लिए किसानों का आभार जताया है।
उन्होंने जारी बयान में कहा है कि कृषि कानूनों के समर्थन में बड़ी संख्या में किसान रैली में पहुंचे थे। इससे साफ है कि किसान कानूनों के समर्थन में हैं। किसान कड़ाके की सर्दी में भी कई किमी ट्रैक्टर चलाकर आए थे। उन्होंने कांग्रेस की ओर से रैली में अवरोध पैदा करने की निंदा की।
उन्होंने किसानों के साथ ही पार्टी के विधायक, दायित्वधारी, मोर्चा पदाधिकारियों, जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि मोर्चे के सभी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों में कानूनों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करेंगे। (ब्यूरो)