सेल्स टैक्स अधिकारी से मारपीट के मामले में आरोपी व्यापारी नेता दूसरी बार भी कोर्ट में सरेंडर नहीं कर सके। तबियत बिगड़ने की वजह से व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अधिवक्ताओं ने कोर्ट में बीमारी की वजह बताकर अस्पताल से ही व्यापारी को न्यायिक हिरासत में ले लिया जाए। कोर्ट ने अस्पताल से हरीश को न्यायिक हिरासत में लेने से इनकार करते हुए सरेंडर अर्जी खारिज कर दी।
मंगलवार को व्यापारी नेता हरीश अरोरा को कोर्ट में सरेंडर करना था, लेकिन नवरात्र में पूजन की वजह से बार एसोसिएशन के कार्य नहीं करने के प्रस्ताव के चलते हरीश ने बुधवार को सरेंडर करने का समय मांगा था। बुधवार की दोपहर अचानक हार्ट में दिक्कत की वजह से हरीश अरोरा जिला अस्पताल में भर्ती हो गए थे।
प्रभारी सीजेएम सीमा डुंगराकोटी की अदालत में अधिवक्ताओं ने हार्ट की परेशानी का हवाला देते हुए हरीश को अस्पताल से ही न्यायिक हिरासत में लेने की अर्जी दी थी।
सुनवाई के दौरान विपक्षी अधिवक्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया। कोर्ट ने हरीश को अस्पताल से न्यायिक हिरासत में लेने से इनकार करते हुए सरेंडर अर्जी खारिज कर दी। अब स्वस्थ होने के बाद हरीश को कभी भी पुलिस गिरफ्तार कर सकती है।