काशीपुर। राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुंडा में अर्द्धवार्षिक परीक्षा दे रहे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर राहगीरों ने धुआं किया। तीन शिक्षकों समेत करीब 55 बच्चों को मधुमक्खियों ने काटा।
सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने ज्यादा घायल हुए 11 बच्चों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद बच्चों को छुट्टी दे दी गई। बच्चों को मधुमक्खी के काटने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई है। अब यह परीक्षा बाद में होगी।
जसपुर रोड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुंडा एक ही परिसर में है। परिसर में सीरस के पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ है। शनिवार सुबह 10 बजे से राप्रावि में अर्द्धवार्षिक अंग्रेजी विषय की परीक्षा शुरू हुई। छात्र-छात्राएं कक्षा-कक्ष में परीक्षा देने के लिए बैठे ही रहे थे कि अचानक मधुमक्खियां उड़कर कक्षों में घुसकर बच्चों पर चिपटने लगी।
इससे बच्चों में चीख पुकार मच गई। इसके चलते राइंका और राप्रावि के बच्चों में भगदड़ मच गई। कुछ बच्चे विद्यालय के नजदीक अपने घर भाग गए। चीखते बच्चों को देखकर राहगीरों ने कूड़े में आग लगाकर धुआं किया और बच्चों को विद्यालय के कक्षों में बैठाया। इस दौरान मुधमक्खियों ने शिक्षिका बीना, गीता और कौसर जबी सहित करीब 55 बच्चों को काटा।
सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने सहायक शिक्षिका कौसर जबी के माध्यम से हालत अधिक खराब होने पर कक्षा एक के छात्र अरमान (6), कक्षा पांच के इस्माइल (9), कक्षा 4 के मेहराज (9), कक्षा 4 की सुहानी (9), कक्षा एक के वसीम (6), कक्षा 2 की सानिया (6), कक्षा 2 के मोहम्मद अनस (6), कक्षा 5 की इरम (10), कक्षा एक की रूबी (5), कक्षा पांच के फैजान (10) और कक्षा पांच के अनस (9) को सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
वहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। प्रधानाध्यापक महिपाल सिंह ने बताया कि बच्चों को मधुमक्खी के काटने के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी है, जिसकी उच्चाधिकारी को सूचना दे दी गई है। अभिभावकों ने बताया कि मधुमक्खियों ने राइंका के भी कुछ छात्र-छात्राओं को काटा है।
त्वरित कार्रवाई से बची बच्चों की जान
काशीपुर। स्कूल में बच्चों पर मधुमक्खियों के हमले करने की सूचना पर ग्राम प्रधान मोहम्मद जावेद ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्यालय पहुंचे। उन्होंने मधुमक्खियों के हमले से घायल इधर-उधर भागते बच्चों को देखकर विद्यालय में धुआं कराया। साथ ही कुछ बच्चों को अपने चाचा के क्लीनिक में ले जाकर सुरक्षित किया। गांव वाले शीघ्र ही विद्यालय नहीं पहुंचते तो मधुमक्खियां बच्चों को भारी नुकसान पहुंचा सकती थीं।
कोट:
विद्यालय में मधुमक्खियों के काटने के कारण रद्द हुई अंग्रेजी की परीक्षा आखिरी में कराई जाएगी। इसकी सूचना विद्यालय के माध्यम से दे दी जाएगी। - आशाराम, उप शिक्षाधिकारी, जसपुर।
अवैध शराब पीकर ज्यादा उत्पात मचा रहे हाथी
बाजपुर। गांव महौली जंगल में हाथियों के आतंक बना हुआ है। रोज रात में हाथियों का झुंड गांव केे पास खेतों में आकर किसानों की फसल रौंद रहे हैं। यही नहीं बताया जाता है कि जंगल में नदी किनारे अवैध रूप से चल रही कच्ची शराब की भट्ठियों पर तैयार लहन (शराब) पीकर हाथी मस्ती में गन्ने सहित अन्य फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
बरहैनी रेंज सीमा पर बसे गांव महौली जंगल की तरफ सुरक्षा बाड़ का इंतजाम नहीं होने के कारण जंगली जानवर आबादी की तरफ घुस रहे हैं। हर साल हाथी फसलों को चौपट करते हैं लेकिन किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा तक नहीं मिलता। शुक्रवार देर शाम हाथियों का झुंड आबादी के पास पहुंच गया। ग्रामीणों ने कनस्तर बजाकर बमुश्किल हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
इस बीच हाथी गांव निवासी मोहित कुमार, सतपाल सिंह, सोमनाथ, प्रीत पाल की करीब ढाई एकड़ गन्ने की फसल को नष्ट कर चुके थे। शनिवार को ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल सीमा पर सुरक्षा बाड़ करने और चौपट हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसान मोहित कुमार ने बताया कि गांव के पास बहने वाली नदी किनारे कच्ची शराब बनाने की भट्ठ बनाकर कुछ लोग शराब का धंधा करते हैं।
आए दिन हाथी शराब पीकर मस्ती में गन्ने सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इधर, बरहैनी रेंजर रूपनारायण गौतम ने बताया कि गांव महौली जंगल में टीम को भेजी जाएगी।
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गांव चंदनपुरा में फिर दिखा तेंदुआ, दहशत
बाजपुर। गांव चंदनपुरा में फिर तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत बनी है। सपताहभर पहले तेंदुए ने गांव के जंगल में एक नील गाय को मार डाला था। ग्रामीणों की शिकायत पर भी वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
शुक्रवार को रात ग्रामीणों ने तेंदुआ फिर देेखा। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ जंगल क्षेत्र में छिपा है। पालतू कुत्तों को शिकार बना रहा है। तेंदुए की दहशत से लोग मवेशी चराने भी नहीं जा पा रहे हैं।
बाजपुर के गांव महौली जंगल में हाथियों ने चौपट की गन्ने की फसल को देखती महिलाएं।- फोटो : BAZPUR