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बाजपुर के शहीद को सुपुर्द-ए-खाक किया

Fri, 20 Jan 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बाजपुर
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श्‍ाहीद सै‌न‌िक काे श्रद्धांजलि देते सैन‌िक - फोटो : अमर उजाला
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सिख रेजीमेंट में सूबेदार के पद तैनात बाजपुर के मोहल्ला रामभवन निवासी मोहम्मद रफी (38) की बुधवार को जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में बर्फ में दबकर मौत हो गई थी। शुक्रवार को शहीद मोहम्मद रफी के पार्थिव शरीर को सलामी देकर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इससे पहले सेना के जवानों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तिरंगा और पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को नमन किया।


16 जनवरी को जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में ड्यूटी के दौरान बर्फ में दबने से सूबेदार मोहम्मद रफी पुत्र रोशन अली को आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 18 जनवरी को रफी ने दम तोड़ दिया। आर्मी मुख्यालय के अधिकारियों की सूचना पर शहीद के घर मातम छा गया। शुक्रवार सुबह सात बजे सेना के जवान शहीद का शव को लेकर पहुंचे। खबर मिलते ही शहीद के घर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ लग गई। समाज के लोग जनाने को लेकर सलामी स्थल श्री रामलीला मैदान पहुंचे। इस दौरान हेमपुर डिपो के कैप्टन एमसी यादव, सिख रेजीमेंट के सूबेदार सुखचैन सिंह ने शहीद के शव को तिरंगा और पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया। जवानों ने शस्त्रों के साथ सलामी दी।
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एसडीएम पीएस राणा, सीओ जीसी टम्टा, तहसीलदार केके पाल, कोतवाल बीएस धौनी, भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष  एनडी जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते, सभासद आशु मेहरा, डा. नरेंद्र खत्री, राजकुमार, सरुर बरछायूनी, तनवीर खां, फरजंद अंसारी, असलम, तारिक अहमद, धर्मवीर सिंह, रोशन अली, मंसूर अली, सफी, यामीन, इस्माईल आदि ने पुष्प अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त की। जामा मस्जिद के इमाम अब्दुल लतीफ ने जनाजे की नमाज अदा कराई। उसके बाद समाज की रीति अनुसार शव को कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। मौके पर जावेद वारसी, हसरत, कलुआ, अशरफ, मेहफूज, मो. आरिफ, अनवर अली, मुनब्बर अली, श्रीष कुमार सिंह, अजयदीप ढौंढियाल, अमर सिंह, एनएन यादव, कांबले निकेश, सोहन दत्त, एमके सिंह, राजेश सिंह, रामनाथ, पीके साहू, विपिन झा आदि थे।



। रामलीला मैदान में सलामी देने के बाद शहीद मोहम्मद रफी के शव को ले जाया गया। तभी शहीद की बेटी मुस्कान रोते रोते बोली मेरे पापा को कहां लेकर जा रहे हैं वो कहीं नहीं जाएंगे, उन्हें घर ले चलो। मुस्कान के बोल सुनकर हर किसी की आंखों में आंसू छलक आए। इस दौरान कोतवाल बीएस धौनी ने बच्ची को गले लगा लिया।
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शहीद की शवयात्रा दौरान उसके पिता रोशन अली ने की आंखों में आंसू थे। रोशन अली ने कहा कि उन्हें फख्र है कि उनका बेटा देश की खातिर शहीद हुआ है। इस दौरान लोगों द्वारा जब तक सूरज चांद रहेगा मोहम्मद रफी तेेेरा नाम रहेगा के नारे लगाए गए।

 
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