पंतनगर/रुद्रपुर। जीबी पंत कृषि विवि में फैकल्टी इंटरेक्शन कार्यक्रम हुआ। कुलपति प्रो. शिवेंद्र कश्यप ने कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज (सीबीएसएच) के शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विवि की वास्तविक पहचान उसके शोध, नवाचार और समाज उपयोगी कार्यों से बनती है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। विवि केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं हैं। वे नवीन ज्ञान सृजन, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी विकास का प्रमुख आधार भी हैं।
उन्होंने मूलभूत विज्ञान को सभी शोध गतिविधियों की आधारशिला बताया। मजबूत वैज्ञानिक समझ के बिना कोई भी तकनीकी नवाचार सफल नहीं हो सकता। संवाद
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शोध और नवाचार का महत्व
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसे शोध कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए जिनसे समाज, उद्योग और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। गुणवत्तापूर्ण शोध पत्र, पेटेंट और नवीन उत्पाद किसी भी संस्थान की प्रगति के महत्वपूर्ण संकेतक हैं। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न उद्योग और संस्थाएं उन्हीं विश्वविद्यालयों से जुड़ना चाहती हैं, जिनके पास मजबूत अनुसंधान क्षमता और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हों। संवाद
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सामुदायिक सहभागिता और चुनौतियां
प्रो. कश्यप ने विवि में सामुदायिक सहभागिता, नेटवर्किंग और सहयोगात्मक परियोजनाओं के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। इससे समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजा जा सकेगा। विवि राष्ट्रीय विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में संकाय सदस्यों ने अनुसंधान में आ रही कठिनाइयों से कुलपति को अवगत कराया।
इससे पूर्व कार्यवाहक अधिष्ठात्री डॉ. लक्ष्मी तिवारी ने महाविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एसके दूबे ने किया। अंत में संकाय सदस्यों ने अनुसंधान में आ रही कठिनाइयों से कुलपति को अवगत कराया। इस दौरान महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य मौजूद रहे। संवाद