फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरपीएफ के दस जवानों के लिए 38 लाख से बनेगा बैरक

Wed, 10 May 2017 12:38 AM IST
अरुण कुमार /अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
विज्ञापन
निर्माणाधीन बैरक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आरपीएफ के सिपाहियों के लिए आवास की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। 10 सिपाहियों के लिए रेलवे 38 लाख रुपये की लागत से बैरक बनवा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सिपाहियों को बेड अलॉट कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन


रेलवे ने 76 लाख रुपये की लागत से पीलीभीत में 5-5 बेड के दो बैरक बनाने का काम शुरू कर दिया है, जबकि यहां 38 लाख रुपये की लागत से करीब 160 वर्गमीटर क्षेत्र में आरपीएफ के 10 सिपाहियों के लिए एक हाइटेक बैरक बनाया जा रहा है। इसमें आठ पुरुष और दो महिला सिपाहियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसका निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन खनन निकासी बंद होने से निर्माण कार्य में बाधा आ गई थी। इसके चलते काम देरी से हो सका है। 

शीघ्र ही बैरक तैयार हो जाएगा। यह मॉडर्न बनाया जाएगा। इसमें सिपाहियों के लिए हर सुविधा होगी। पुराना साधारण बैरक महज छह बेड का है। इसके चलते सिपाहियों को रहने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए नया बैरक बनाने का निर्णय लिया। इसका प्रस्ताव रेलवे ने वर्ष 2016 में मंडल कार्यालय इज्जतनगर को भेजा था। इसकी मंजूरी मिल गई है।
विज्ञापन


आरपीएफ में भी स्टाफ की कमी
रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस फोर्स चौकी बनी है, लेकिन आरपीएफ के पास करीब 15 सिपाही तैनात हैं। सिपाहियों की कमी के चलते रेलवे संपत्ति की सुरक्षा में परेशानी होती है। आरपीएफ इंस्पेक्टर ओपी मीणा ने बताया कि मालगोदाम के सामने बना पुराना बैरक छोटा है। साथ ही रेलवे संपत्ति की जितना बड़ा दायरा है। उसके लिए सिपाहियों की भारी कमी है। इसके लिए डिमांड भेजी गई है।

76 लाख रुपये की लागत से काशीपुर, पीलीभीत में आरपीएफ का बैरक बनाया जा रहा है। इनमें आठ पुरुष और दो महिला सिपाही के बेड लगने की सुविधा होगी। यह पूरी तरह आधुनिक वस्तुओं से सुसज्जित होगा।
विज्ञापन

- संजीव कुमार भारती, सीनियर सेक्शन इंजीनियर/कार्य, रेलवे काशीपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें