भूमिहीनों की लड़ाई में किच्छा के विधायक राजेश शुक्ला सोमवार को बैसाखी लेकर कूद पड़े। उनकी अगुवाई में भूमिहीनों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और प्रभारी डीएम को ज्ञापन सौंपकर भूमि आवंटित करने की मांग की।
किच्छा के विधायक राजेश शुक्ला बीते दिनों जन्माष्टमी के कार्यक्रम में मंच से गिरकर घायल हो गए थे, उनके पैर में फैक्चर होने से प्लास्टर किया गया है। लेकिन विधायक शुक्ला सोमवार को भूमिहीनों को न्याय दिलाने के लिए बैसाखी के सहारे कलक्ट्रेट पहुंच गए। जिले भर की सीलिंग भूमि को सीलिंग कानून के तहत भूमिहीनों को आवंटित करने और भूमिहीनों को भूमिहीन प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को सोमवार को विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय था।
इसलिए शुक्ला कलक्ट्रेट में वॉकर के सहारे सभास्थल पर पहुंचे और भूमिहीनों के हकों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। शुक्ला ने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पहले भूमिहीन प्रमाण पत्र को लेकर दिए गये आवेदनों पर सरकार आज तक भूमिहीनों को प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकी। सरकार भूमिहीनों को जमीन देने की बजाए अन्य प्रयोजनों के लिए भूमि खुर्द-बुर्द कर रही है। शुक्ला ने कहा कांग्रेस सरकार भूमिहीन विरोधी है।
सरकार भूमिहीनों का हक छीनना चाहती है, भूमिहीनों के हित में निर्णय लिए बिना अब जिले की सीलिंग भूमि को छूने नहीं दिया जाएगा। प्रदर्शन में भूमिहीन समिति अध्यक्ष वंदना कुशवाहा, नरेंद्र चीमा, शिवदत्त शर्मा, मन्नूलाल, दिलीप बोरा, नंदलाल, निर्मला देवी, शीलचंद पाहवा आदि मौजूद थे।
। सैकड़ों की संख्या में सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पहुंचे भूमिहीनों को पुलिस ने हटा दिया। भूमिहीन जब प्रदर्शन करने पहुंचे तो उस समय उनके साथ विधायक शुक्ला मौजूद नहीं थे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कलक्ट्रेट परिसर से हटा दिया, जिस पर प्रदर्शनकारी एसएसपी कार्यालय के बाहर सड़क पर धरना देने लगे और वहां सभा शुरू कर दी। बाद में शुक्ला के पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने कलक्ट्रेट कूच किया और वहां प्रभारी डीएम को ज्ञापन सौंपा।