रुद्रपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर बच्चों को अधिक प्रभावित करने वाली बताई जा रही है। इसे लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हैं। रुद्रपुर जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 40 बेड का वार्ड बनाया जा चुका है। साथ ही छोटे साइज के ऑक्सीजन मास्क और संबंधित दवाएं और सीरप भी मंगवाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की देहरादून से डॉक्टरों के साथ लगातार वर्चुअल मीटिंग हो रही हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरडी भट्ट ने बताया कि बच्चों में बड़ों की अपेक्षा प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती हैं। यदि बच्चे संक्रमित भी होते हैं तो शीघ्र रिकवर हो जाते हैं। अधिकतर वही बच्चे संक्रमित पाए जाते हैं, जिनके माता-पिता भी संक्रमित हों लेकिन कोरोना की तीसरी लहर आती है तो बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद सावधानी बरतनी होगी।
परिवार के सदस्यों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को शादी समारोहों, बाजार या किसी भी प्रकार के सार्वजनिक समारोहों में ले जाने से बचें। इसके साथ ही यदि माता-पिता या घर का कोई भी सदस्य ड्यूटी अथवा बाहर से आता है तो बच्चों के पास जाने से पहले कपड़े बदलकर हाथ सैनिटाइज कर लें। खानपान में बच्चों के लिए कोई अलग से या विशेष भोजन की जरूरत नहीं हैं। बच्चों को सिर्फ पौष्टिक भोजन दें। बाहर का भोजन या फास्ट फूड देने से बचें।