शक्तिफार्म। सिडकुल तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए करीब चार साल पहले सूखी नदी पर बने पुल को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया है। पुल के लिंटर के ऊपरी हिस्से पर बने वेयरिंग कोट को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। सूचना पर लोक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा दी है।
वर्ष 2022 में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के प्रयासों से क्षेत्रवासियों को सूखी नदी पर पुल की सौगात मिली थी। विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड डिजास्टर रिकवरी परियोजना के तहत निर्मित 180 मीटर लंबे टू-लेन मोटर कॉजवे का लोकार्पण, सात जनवरी 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। इस पुल के बनने से शक्तिफार्म क्षेत्र के हजारों कामगारों को सिडकुल आने-जाने में बड़ी राहत मिली।
सिडकुल के लिए मालवाहक भारी वाहन भी इसी पुल से होकर गुजरते है। यह मार्ग क्षेत्र के लिए लाइफलाइन माना जाता है। पुल को असामाजिक तत्वों ने वेयरिंग कोट को तोड़कर क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल के साथ छेड़छाड़ गंभीर विषय है। इधर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सत्यपाल सिंह ने बताया पुल के लिंटर के ऊपरी वेयरिंग कोट से छेड़छाड़ कर उसे क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया था। सूचना मिलते ही संबंधित हिस्से को दुरुस्त करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है।
पहले चोरी हो चुकी हैं स्ट्रीट लाइटें
पुल के दोनों किनारों पर प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाई गई स्ट्रीट लाइटों को पुल निर्माण के कुछ दिनों बाद ही असामाजिक तत्व खोल कर ले गए हैं। उसके बाद दोबारा लाइट नहीं लगने से रात के समय पुल पर अंधेरा रहता है। इसका फायदा उठाते हुए पुल पर कुछ नशेड़ियों का अड्डा बन गया है।