मधु को अपने मामा सेे बेहद लगाव था। इलाज कराने बनारस जा रहे मामा की तकलीफ को देखते हुए वह उनके साथ चली गई। यह लगाव ही मधु की मौत का कारण बन गया।
यूपी के गांव दढ़ियाल (रामपुर) यूपी के मोहल्ला इंदिरा कालोनी निवासी 13 वर्षीय मधु पिछले चार साल से मामा रोहताश के घर पर रहती थी। इसी मोहल्ले में उसकी बुआ भी रहती हैं। होली पर्व पर मधु अपने घर अपनी मां माया से मिलने गई थी। उसके पिता स्व. श्याम लाल की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। बेटी मधु का शव घर पहुंचते ही उसकी मां माया सिर को सहलाते हुए उसे जगाने की कोशिश कर रही थी।
चार शवों के बीच के इस हृदय विदारक नजारे को देखकर वहां मौजूद हर किसी का कलेजा फट सा गया। वहीं लोगों की आंखें छलक आई और जो बर्दाश्त नहीं कर सके, वहां से दूर हट गए। किसी की हिम्मत नहीं हुई कि यह एहसास करा सके कि अब उसकी बेटी हमेशा के लिए दुनिया से चली गई है। बताते हैं कि की-मैन रोहताश अपनी बेटी को घर पर छोड़कर भांजी मधु को तीमारदारी के लिए साथ ले गया था।