कार्यदायी संस्था की हीलाहवाली और अफसरों की बेरुखी से 13 किमी सड़क चार साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हो पाई है। अब सड़क निर्माण में तेजी तो आई, लेकिन क्षेत्रवासियों ने गुणवत्ता पर सवाल उठा दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण सामग्री न लगाने पर आंदोलन की धमकी दी।
नैनीताल हाइवे से अटरिया मंदिर होते हुए सिडकुल को जाने वाली 13 किमी सड़क की स्वीकृति वर्ष 2012 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दी थी। धार्मिक स्थल के साथ ही सिडकुल को जोड़ने वाले इस मार्ग के महत्व को देखते हुए तत्काल करीब 35 करोड़ का बजट जारी किया गया, जिसमें करीब 21 करोड़ की रकम कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम लि. को रिलीज भी कर दी गई है।
किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने निर्माण में गोलमाल का आरोप लगाते हुए मामला विधानसभा में उठाया था, जिस पर शासन ने मामले को गंभीरता से लिया। शासन के निर्देश के बाद सिडकुल के एमडी आर राजेश कुमार ने पिछले माह स्थलीय निरीक्षण किया तो निर्माण में कई खामियां उजागर हुईं। उन्होंने मानकों की अनदेखी पर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाई।
नाली निर्माण में पीली ईटों के इस्तेमाल के साथ ही सड़क पर गड्ढे पाटने के लिए मिट्टी और पत्थर की जगह कचरे का इस्तेमाल किया जा रहा है। सिडकुल के एमडी के निर्देश के बाद भी कार्यदायी संस्था ने निर्माण में लीपापोती कर दी है। मानकों की अनदेखी के खिलाफ सोमवार को क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि निर्माण में मानकों की जिस तरह से अनदेखी की जा रही है, उससे कुछ महीने में ही सड़क टूट जाएगी।
इस दोरान भाजपा नेता राधेश शर्मा, पवन शर्मा, गोकुल पांडे, मोनू शर्मा, पंकज तिवारी, शुभम तोमर, विशाल सक्सेना, बाबू राम, अनिल, अशोक ठाकुर, सुरेश कूमार, जितेंद्र कुमार, सचिन मौर्या, घासी राम प्रजापति, ओमप्रकाश, गौतम दास, शंकर सरकार, इकबाल अहमद आदि थे।
अटरिया रोड के निर्माण के लिए 2012 में 35 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी, जिनमें 21 करोड़ कार्यदायी संस्था को जारी कर दिए गए हैं, लेकिन सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। अनियमितताओं की शिकायत आने पर उन्होंने खुद मौका मुआयना कर कार्यदायी संस्था से निर्माण में तेजी लाने को कहा था जिसके बाद सड़क निर्माण में तेजी आई है। निर्माण में जो कमियां है उसकी जांच की जाएगी।
-आर राजेश कुमार, एमडी सिडकुल