पंतनगर। साढ़े तीन माह पूर्व हुए सड़क हादसे में स्पाइनल कॉर्ड सहित विभिन्न अंगों में कई फैक्चर होने के चलते उठने-बैठने में लाचार विवि के पूर्व कर्मचारी अपने बकाया भुगतान के लिए परेशान है। एक साल पहले कोर्ट की ओर से दिए आदेश के बावजूद साढ़े चार लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को पूरनपुर, पीलीभीत (यूपी) निवासी जगदीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 1987 में उनकी पंतनगर विवि के पीसीटी वर्कशाप में बतौर कारपेंटर नियुक्ति हुई थी। शुरूआत में तो सब कुछ ठीकठाक रहा लेकिन धीरे-धीरे उनको स्पांडिलाइटिस का दर्द बढ़ता गया और उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया। वर्ष 2013 में वह 85 प्रतिशत शारीरिक रूप से अक्षम हो गए। उन्होंने विवि प्रशासन को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति एवं आश्रित के रूप में परिवार के एक आश्रित को नौकरी देने की गुहार लगाई, जिसे विवि प्रशासन ने खारिज कर दिया।
जगदीश ने कोर्ट की शरण ली और कोर्ट ने उनके आश्रित को विवि में नियुक्ति देने के आदेश दिए। इसके तहत उनकी बेटी सिम्मी शर्मा को वर्ष 2019 में गृह विज्ञान महाविद्यालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर नियुक्ति दी गई। विवि प्रशासन ने न्यायालय में वाद लंबित रहने के दौरान का जगदीश का वेतन रोककर भविष्य निधि आदि का भुगतान कर दिया।
जगदीश ने जनवरी 2020 में कोर्ट से बकाया भुगतान दिलाने की गुहार लगाई और मई 2020 में कोर्ट ने ब्याज सहित साढ़े चार लाख रुपये वादी को भुगतान करने के आदेश दिए। इधर, फरवरी 2021 में इलाज के लिए रुद्रपुर जाते समय जगदीश का हल्दी में एक्सीडेंट हो गया, जिसमें उनके स्पाइनल कॉर्ड सहित विभिन्न अंगों में कई फ्रैक्चर हो गए।
जिंदगी की जंग लड़ रहे विवि के पूर्व कर्मी को उनकी ही कमाई के भुगतान के लिए परेशान होना पड़ा है। इधर, कुलपति का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
एक सप्ताह में भुगतान नहीं होने पर तराई भवन में होगा प्रदर्शन
पंतनगर। जगदीश के बेटे विनीत शर्मा ने कहा कि कोर्ट नेे एक वर्ष पूर्व भुगतान के आदेश दिए थे। हम अधिकारियों के चक्कर काटते रहे लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया। आरोप लगाया कि उनके पिता की फाइल उप नियंत्रक ने रोकी है।
डॉक्टरों ने पिता की स्पाइनल कॉर्ड की सर्जरी कराने की सलाह दी है नहीं तो वह सड़ने लगेगी। अब हमारे पास अपने पिता का इलाज कराने के लिए रुपये नहीं बचे हैं इसलिए हम एक सप्ताह इंतजार करने के बाद एंबुलेंस से पिता को तराई भवन ले जाकर प्रदर्शन करेंगे। (संवाद)