रुद्रपुर के गांधी पार्क में धरना प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता।
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रुद्रपुर। आशा कार्यकर्ताओं ने मासिक मानदेय, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने सहित 12 सूत्री मांगों के लिए धरना दिया। उन्होंने एक अगस्त तक मासिक मानदेय की घोषणा नहीं होने पर दो अगस्त से बेमियादी कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को एक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले जिले भर की आशा कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में धरना दिया। सभा में यूनियन की जिला अध्यक्ष ममता पानू ने कहा कि सरकार आशाओं के श्रम का लगातार शोषण कर रही हैं लेकिन अब हम शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगी। पूरे प्रदेश की आशाएं आंदोलन में साथ हैं और इस बार आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि पहले से ही काम के बोझ तले दबी आशाओं को और भी ज्यादा किस्म के विभिन्न कामों में लगा दिया गया है। जब काम के एवज में मासिक वेतन या मानदेय देने की बात आती है तो आशाओं को स्वैच्छिक कार्यकर्ता बता दिया जाता है। उन्होंने धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम विशाल मिश्रा के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भी भेजा। इसमें आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 21 हजार रुपये मासिक वेतन और कर्मचारी का दर्जा मिलने तक मासिक मानदेय फिक्स करने, पेंशन का प्रावधान, मुख्यमंत्री की ओर से घोषित कोरोना भत्ता तत्काल खाते में डालने, कोविड कार्य में लगी आशाओं का 50 लाख का जीवन बीमा, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, कोरोना ड्यूटी के क्रम में मृत आशाओं के आश्रितों को चार लाख का अनुग्रह अनुदान भुगतान, देय मासिक राशि और सभी मदों का बकाया सहित समय से भुगतान सहित अन्य मांगें शामिल हैं। वहां पर कुलविंदर कौर, शरमीन सिद्दीकी, सिमरन, एक्टू प्रदेश महामंत्री केके बोरा, रूपा देवी, मधुबाला, बबीता, सुधा देवी आदि थे।