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एआरएम और चालक के बीच हुई हाथापाई

Sat, 10 Dec 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
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डिपो में एआरएम से मामले की जानकारी लेते आरएम खुशीराम - फोटो : अमर उजाला
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 पुरानी बस को लेकर एआरएम और बस चालक में विवाद गहरा गया। विवाद बढ़कर गालीगलौच और हाथापाई तक पहुंच गया। कर्मचारियों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। दोनों ने कोतवाली पहुंचकर एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। आरएम खुशीराम के आदेश पर चालक रिजवान को निलंबित कर दिया गया है। चालक को तत्काल प्रभाव से अल्मोड़ा डिपो के लिए रिलीव कर दिया गया है।
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 शनिवार की सुबह डिपो में स्थित समय कक्ष के बाहर एआरएम महेंद्र कुमार और नियमित चालक रिजवान अहमद के बीच हुई तकरार गाली गलौच और हाथापाई तक जा पहुंची। दोनों को आसपास के कर्मचारियों ने बीचबचाव कर छुड़ाया। घटना के बाद एआरएम महेंद्र कुमार कोतवाली पहुंचे और चालक के खिलाफ तहरीर दी। कहा कि समय संचालन कक्ष से चालक रिजवान को बरेली मार्ग की ड्यूटी स्लिप दी गई थी। लेकिन उसने पुरानी बस चलाने से इनकार करते हुए उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

उन्हें जमीन पर गिराने के साथ ही गाल पर तमाचा भी मारा। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बचाया। इधर चालक रिजवान निवासी मोहल्ला खालसा ने तहरीर में कहा कि उसने सेवाकाल की समयावधि के अनुसार एसीपी वेतनमान ग्रेड पे स्केल की मांग को लेकर एआरएम को पत्र दिए थे। एआरएम ने उसे कार्यालय बुलाया और पत्र पर कार्यवाही करने की एवज में पांच हजार रुपये की मांग की। उसके मना करने पर एआरएम ने गाली गलौच, मारपीट और नौकरी से हटाने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों तहरीर की जांच शुरू कर दी है। एआरएम महेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 10 साल पहले भी रिजवान ने तत्कालीन कार्यशाला प्रभारी के साथ मारपीट की थी। इसके चलते वह कई साल तक सेवा से बाहर रहा था। कुछ दिन पहले ही उसने कार्यशाला प्रभारी के साथ अभद्रता की थी। एआरएम महेंद्र कुमार ने बताया कि  आरोपी चालक रिजवान को आरएम खुशीराम के आदेश पर निलंबित कर तत्काल प्रभाव से अल्मोड़ा डिपो के लिए रिलीव कर दिया गया है।
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रोडवेज डिपो में शनिवार को कई चालक और परिचालक बिना बताए गैरहाजिर रहे। इसके चलते हरिद्वार, रुद्रपुर, टनकपुर, दिल्ली, बरेली मार्ग की करीब सात बसों का संचालन दिनभर ठप रहा। इससे निगम को करीब एक लाख रुपए का घाटा झेलना पड़ा। बसें नहीं मिलने से यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। संचालन केंद्र में भी सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र प्रभारी रमेश रौतेला ने चालक-परिचालकों के गैर हाजिर होने के बारे में जानकारी देने से इंकार कर दिया।
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