एंटी माइनिंग टीम ने बन्नाखेड़ा क्षेत्र में खनन भंडारणों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान दो खनन भंडारण अवैध मिले। जिन पर भंडारण करने की अनुमति नही थी।
इसके अलावा चार स्टॉकों पर दाबका और कोसी नदी से ताजा लाया गया उपखनिज बरामद हुआ। छापेमारी की कार्रवाई से खनन माफियाओं में खलबली मच गई। खनन उपनिदेशक ने अग्रिम कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी है।
शनिवार को खनन उपनिदेशक राजपाल लेघा, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के एसडीओ बलवंत सिंह शाही की अगुवाई में वन और खनन अधिकारियों की टीम ने संयुक्त रुप से बैंतखेड़ी, गोबरा, जोगीपुरा, क्षेत्र में औचक छापेमारी की। जिससे खनन में काम करने वालों में हड़कंप मच गया। एसडीओ शाही ने बताया कि गांव बैंतखेड़ी में इंद्रजीत सिंह और अमरीक सिंह मानकी के स्टॉक पर अवैध खनन पकड़ा। इनके पास खनन स्टाक की अनुमति नही थी।
इसके अलावा गांव गोबरा में कुलवंत कौर, अनंत जैन, नामधारी, परमजीत सिंह राजपूत के स्टॉक पर भारी मात्रा में दाबका और कोसी नदी से लाया गया ताजा उपखनिज बरामद किया गया। पैमाइश कर कार्रवाई के लिए विस्तृत रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। टीम में खनन सर्वेयर विनोद पांडे, बन्नाखेड़ा रेंजर नवीन चंद पंवार, पीसी जोशी, पुष्पेंद्र चौहान, जीवन बिष्ट, आनंद मठपाल, जमन मेवाड़ी, मोहित रावत, भीम सिंह आदि थे।
क अधिकारी अनजान बने हुए हैं। वन विभाग और राजस्व टीम ने पिछले दिनों भी भारी मात्रा में खनन का अवैध स्टॉक पकड़ा था। जिन पर एक करोड़ रुपये से अधिक जुर्माना डाला गया था। सूत्र बताते है कि खनन माफियाओं को सत्ताधारी नेताओं का संरक्षण मिला है। जिससे अधिकारी कार्रवाई करने में हिचकते हैं।