काशीपुर। फर्जी लाइसेंस प्रकरण में जेल गए सौरभ अग्रवाल पर शिकंजा कसता जा रहा है। अब ठाकुरद्वारा निवासी एक व्यक्ति ने उस पर दो शस्त्र लाइसेंस बनवाने का झांसा देकर 16 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर ठाकुरद्वारा थाने में सौरभ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि सौरभ ने कई अन्य लोगों से भी लाइसेंस के आधार पर शस्त्र खरीदवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की रकम ली थी। यूपी सहित अन्य राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उन पर हथियार खरीदे जाने के मामले में एसटीएफ ने प्रारंभिक जांच के बाद काशीपुर कोतवाली में दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में एसटीएफ अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। काशीपुर के गिरीताल निवासी सौरभ अग्रवाल को इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है।
ठाकुरद्वारा निवासी पीयूष कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि सौरभ ने खुद को शाहजहांपुर जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत बताया और वैध तरीके से लाइसेंसी पिस्टल का लाइसेंस बनवाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में उसने पीयूष और उसके भाई अमित चौहान से दस-दस लाख रुपये लिए।
पीयूष के अनुसार कुछ समय बाद सौरभ ने उसे दो पिस्टल दिखाईं और बताया कि इन्हें सरकारी रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए दो-दो लाख रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसके बाद नवीनीकरण के नाम पर वह पिस्टल और चार लाख रुपये लेकर चला गया लेकिन वापस नहीं किए। पूछताछ करने पर सौरभ ने कथित तौर पर बताया कि दोनों पिस्टल फर्जी थीं। पीयूष का आरोप है कि सौरभ ने उसके 14 लाख रुपये भी वापस नहीं किए। इस मामले में ठाकुरद्वारा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सौरभ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सौरभ ने कई और लोगों से लाखों की रकम ठगी है। इस मामले में साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। ठाकुरद्वारा पुलिस ने भी आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज की है।
- अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ