जसपुर। यूपी की एसआईटी ने करोड़ों रुपयों की जीएसटी चोरी के आरोप में गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि उसने एक मजदूर का आधार कार्ड लेकर 20 बोगस फर्में बनाई थीं। इस मामले में एसआईटी तीन अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
जीएसटी प्रधान सहायक कार्यालय के सहायक अरविंद कुमार ने यूपी के मुरादाबाद की नगर कोतवाली में 14 जुलाई 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि एसएम इंटरप्राइजेज नाम से लकड़ी की बोगस फर्में सक्रिय हैं। इस मामले में एसआईटी ने जांच कर जसपुर निवासी अरशद अली को पहले गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसआईटी के निरीक्षक शैलेंद्र सिंह ने मोहल्ला तकिया वाली मस्जिद निवासी नफीस अहमद को बीते शनिवार को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके मोहल्ले में बिजनौर जिले का नगीना निवासी एक व्यक्ति मजदूरी करता था। उसने कुछ रुपये देकर उसका आधार कार्ड लेकर उसमें अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा दिया। इसके बाद मजदूर के नाम पर एक पैन कार्ड जसपुर में ही बनवाया। उसने मजदूर के नाम पर एक बैंक में अकाउंट खुलवाया।
बाद में नफीस ने अपने सगे भाई यामीन के कागज लेकर जसपुर की एक बैंक शाखा में खाता खुलवाया। अपनी एक आईडी का सिम उससे लिंक करा लिया था। इसके अलावा आरोपी ने अपनी साली की आईडी पर भी एक सिम निकलवाया। इसके बाद सभी दस्तावेज बैंक अकाउंट के साथ अपने साथी अमान और आदिल को दे दिए थे।
दोनों इन कागजों की मदद से बोगस फर्मों का पंजीकरण कराते थे। आरोपी ने बताया कि एहतेशाम और अरशद भी उसका साथ देते थे। इसके लिए उसे एक किट उपलब्ध कराने के 25,000 रुपये मिलते थे। आरोपी ने बताया कि उसने अमान और आदिल को पांच से छह लोगों के दस्तावेज दिए थे। इसके बाद 20 बोगस फर्में पंजीकृत कराकर करोड़ों की जीएसटी चोरी की थी।
पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। अभी पुलिस आरोपी एहतेशाम, आदिल और अमान की गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।