बी-फार्मा प्रवेश परीक्षा में टाप टेन में स्थान पाने वाली अंजली पाल ने कहा कि उसका उद्देश्य बी-फार्मा पास करने के बाद ड्रग्स इंस्पेक्टर बनना है, ताकि वह समाज में नशीले ड्रग्स को फैलने से रोक सके। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य मन में निश्चित है तो सफलता अवश्य मिलती है।
यूपीएसईई परीक्षा के सामान्य वर्ग में छठा और महिला वर्ग में पांचवां स्थान प्राप्त करने वाली अंजली पाल डी-फार्म पालीटेक्निक काशीपुर की छात्रा हैं। डी-फार्मा में उसका अंतिम वर्ष है। उसने इंटर में गणित विषय में 82 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद डी-फार्मा में प्रवेश लिया। अंजली ने कहा कि माता-पिता ही उनके प्रेरणास्रोत हैं। पिता नाना किशोर पाल जापानी कंपनी की उपकंपनी डाकोन बिल्डवेल गाजियाबाद (यूपी) में टेक्निकल एडवाइजर हैं। पुत्री को मिली सफलता पर उनका परिवार बेहद खुश है। उनका पांच सदस्यों का खुशहाल परिवार है। वह चाहते हैं उनकी पुत्रियां अपने पैरों पर खड़ी होकर आदर्श बनें। माता माधुरी पाल घर पर ही बुटीक चलाती हैं। छोटी बहन प्रगति पाल बीए डबल इंग्लिश की छात्रा और सबसे छोटा भाई अंकुर पाल हाईस्कूल का छात्र है। अंजली ने कहा कि पालीटेक्निक से घर आने के बाद जो समय बचता है वह बुटीक में मां का बटाती हैं। उनको सहेलियों या परिवार के साथ घू्मना, वीडियो गेम खेलना, फिल्म देखना पसंद है।