शक्तिफार्म में बीमार मवेशियों का इलाज करते चिकित्सक।
- फोटो : SITARGANJ
उत्तराखंड डेयरी कोऑपरेटिव फेडरेशन की ओर से दुग्ध उत्पादक को आपूर्ति किए गए घटिया साइलेज (मक्के का अचार) का असर दिखने लगा है। कुछ मवेशियों की मौत के बाद राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया कि साइलेज का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। मामले से सहकारिता मंत्री और मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।
बसगर निवासी योगेंद्र रावत बड़े पैमाने पर दूध का उत्पादन करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनकी नौ गाय सहित 17 मवेशी गर्भ से हैं। बीती 12 मार्च को मवेशियों को चारे के रूप में दुग्ध फेडरेशन की ओर से उपलब्ध कराए गए साइलेज दिया गय। आरोप है कि चारा खाने के बाद से उनके कई मवेशियों ने खूनी दस्त की। एक गाय की 14 मार्च को मौत हो चुकी है।
दो गाय और एक भैंस का 16 मार्च की रात को गर्भपात हो गया, जिसकी जानकारी उन्हें मंगलवार सुबह हुई।
इधर, नगर क्षेत्र के एक दुग्ध उत्पादक कल्याण सिंह ने भी घटिया साइलेज के सेवन से दुधारू गाय की मौत होने की बात कही है। एक अन्य किसान राजेश सिंह ने भी साइलेज खिलाने के बाद गाय का गर्भपात होने की बात कही।
सहकारिता समिति जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र रावत ने साइलेज निर्माण के मामले में बड़े पैमाने पर घोटाला होने की आशंका जताई है। जिला पंचायत सदस्य उत्तम आचार्य ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। संवाद