रुद्रपुर। काशीपुर रोड पर सड़क पार कर मंदिर जा रहे आठ वर्षीय बालक की तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को हाईवे पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी।
जानकारी के अनुसार डिबडिबा निवासी रुद्रा पुत्र ओकील शनिवार शाम करीब 5:30 बजे सड़क पार कर मंदिर में मौजूद अपने दादा-दादी के पास जा रहा था। इसी दौरान काशीपुर रोड की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह कई फीट दूर जा गिरा। स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत से गुस्साए लोगों ने हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बावजूद लोग आरोपी चालक की गिरफ्तारी और कार्रवाई के आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप और कार्रवाई के भरोसे के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
परिजनों के अनुसार रुद्रा पिछले कुछ समय से अपने दादा-दादी के साथ रह रहा था। हादसे के समय उसके माता-पिता गांव गए हुए थे। अचानक हुए हादसे से परिवार गहरे सदमे में है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मामला बिलासपुर क्षेत्र का है। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंची थी और बिलासपुर पुलिस के साथ लोगों को समझाया गया। कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। मामले की जांच रामपुर पुलिस कर रही है। - विभव सैनी, सीओ रुद्रपुर
दो से तीन घंटे तक हाईवे रहा जाम
हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को हाईवे पर रखकर करीब दो से तीन घंटे तक जाम लगाए रखा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में चली वार्ता के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया।
बिलासपुर पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना मिलने पर बिलासपुर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें चौकी आने की बात कहकर लौट गई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। बाद में हंगामा बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और कार्रवाई का भरोसा दिया।
दादा के पास जा रहा था रुद्रा, रास्ते में छिन गई जिंदगी
परिजनों के मुताबिक रुद्रा अपने दादा-दादी के बेहद करीब था। शनिवार शाम वह मंदिर में मौजूद अपने दादा से मिलने जा रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही क्षणों में वह हादसे का शिकार हो जाएगा। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पोते की मौत से टूटे दादा, पुलिस से हुई नोकझोंक
पोते की मौत से व्यथित दादा कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर डटे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह दोबारा जाम लगाने की कोशिश करने लगे, जिस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। बाद में मौजूद लोगों ने उन्हें शांत कराया।