एएलसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन पर बैठे मिंडा श्रमिक।
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अवैधानिक गेटबंदी और सेवा समाप्ति के खिलाफ आंदोलित मिंडा फैक्ट्री के श्रमिकों का एएलसी कार्यालय के बाहर आमरण अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में कई श्रमिकों और उनके परिजनों ने धरना भी दिया।
मिंडा श्रमिक एक अक्तूबर से आमरण अनशन पर हैं। अनशन पर बैठे महिमन सिंह, अंकुर बिष्ट, अशोक सिंह, सतीश भारद्वाज, डुंगर सिंह और संदीप रावत, प्रकाश पाठक और महेश उपाध्याय की हालत लगातार बिगड़ रही है। पिछले छह दिनों से उन्होंने जल का भी त्याग कर रखा है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी श्रमिक को कोई क्षति हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इधर, प्रबंधन के साथ श्रमिकों की त्रिपक्षीय वार्ता फिर विफल हो गई। एसडीएम कार्यालय में बुलाई गई वार्ता में श्रमिक 104 श्रमिकों की बहाली की मांग पर अड़े रहे। जबकि प्रबंधन सभी को बहाल करने की मांग पर राजी नहीं हुआ। श्रमिकों की मांगों को लेकर बुधवार को दोबारा बैठक बुलाई गई है। अनशन स्थल पर भारती पांडे, मीना करगेती, कविता नेगी, रेखा, गंगा तिवारी, कैलाशो देवी, नीमा बनौला, संगीता बिष्ट आदि थे।