रुद्रपुर के टीवीएस धान खरीद केंद्र में लटका ताला व परिसर में असुरक्षित पड़ा धान।
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पूर्वी रुद्रपुर समिति बगवाड़ा की बगवाड़ा मंडी और फुलसुंगा धान क्रय केंद्र में बारदाना खत्म होने से रविवार को धान खरीद प्रभावित हुई। यही नहीं बारदाना नहीं होने से बगवाड़ा मंडी में पिछले चार दिनों से ढाई हजार क्विंटल धान मंडी परिसर में ही पड़ा है। क्रय केंद्र प्रभारियों ने दस हजार गांठ बारदाने की मांग की है।
रविवार को दशहरा होने के कारण कई धान क्रय केंद्रों में सन्नाटा रहा। गांधी कॉलोनी स्थित तराई विकास संघ के क्रय केंद्र में ताला लटका मिला। करीब दो ट्रॉली धान टीवीएस परिसर में ही पड़ा था। प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि वह छुट्टी पर हैं। इधर, गल्ला मंडी स्थित आरएफसी के धान क्रय केंद्र में शून्य खरीद हुई है जबकि पूर्वी रुद्रपुर समिति बगवाड़ा में 730 क्विंटल धान खरीद हुई।
प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि बारदाना खत्म होने के कारण धान खरीद प्रभावित हुई है। इधर-उधर से बारदाना लाना पड़ रहा है। उच्च अधिकारियों से दस हजार गांठ बारदाने की मांग की है। बताया कि राइस मिलरों का पोर्टल नहीं चलने से वह सेंटरों से धान भी नहीं खरीद रहे हैं। इधर, जिला सहायक निबंधक हरीश खंडूरी ने बताया कि शनिवार तक जिले में 12 लाख 36 हजार 472 क्विंटल धान की खरीद हुई। इसमें नेफेड और खाद्य विभाग के एक सेंटर में धान खरीद नहीं हुई।
खटीमा में अब तक 3.90 लाख क्विंटल धान की हुई खरीद
खटीमा। मंडी परिसर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे 57 धान क्रय केंद्रों में 3.90 लाख क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। इधर, किसानों का आरोप है कि सरकार की ओर से धान खरीद के मापदंडों का उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
किसान मनमाफिक कटौती और समय पर भुगतान नहीं मिलने की मार झेल रहा है। मंडी परिसर में रविवार को शनिवार से खड़ी सौ ट्रॉलियां समझौते के आधार पर कच्चा आढ़तियों ने खरीदी। एडीओ सहकारिता गौरव शर्मा ने बताया कि भुगतान से वंचित किसानों को शीघ्र भुगतान देने की व्यवस्था की जा रही है। इधर, भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने कहा कि तमाम समस्याओं के बाद भी धान खरीदने की व्यवस्था सुचारु कराई जा रही है। संवाद
रुद्रपुर के बगवाड़ा मंडी स्थित धान क्रय केंद्र परिसर में तुलने को पड़ा धान।- फोटो : RUDRAPUR