रुद्रपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में हैं। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ही इन कृषि कानूनों को लाया गया है। विपक्षी पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए एकजुट होकर किसानों को गुमराह कर रही हैं ।नए कानून से न मंडियां और न ही एमएसपी खत्म हो रही है।
बृहस्पतिवार को मोदी मैदान में आयोजित किसान रैली को संबोधित करते डॉ. निशंक ने कहा कि 70 साल तक किसानों का शोषण करने वाली कांग्रेस आज अपनी जमीन खो चुकी है। जनता ने कांग्रेस को ठुकरा दिया है। कांग्रेस अब अपना अस्तित्व बचाने के लिए कृषि कानून पर किसानों को गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रही है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि कानून लाए गए हैं लेकिन विपक्षी पार्टियां किसानों के बीच कृषि कानूनों की गलत व्याख्या कर रहे हैं। किसानों की एक इंच जमीन पर कब्जा तो दूर उंगली तक नहीं उठाई जा सकेगी।
डॉ. निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरू से ही किसानों के हित में हैं। भाजपा और कांग्रेस के शासनकाल में यदि किसानों की स्थिति का मंथन किया जाए तो स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब तक किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि से 868 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है। कांग्रेस के शासनकाल में किसानों को धान पर एमएसपी 1310 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा था जबकि वर्तमान में 1868 रुपये मिल रहा है। इसी तरह गेहूं पर एमएसपी 1400 रुपये से बढ़कर 1975 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
किसानों को गुमराह कर रही कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां : भगत
रुद्रपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहली बार किसानों के लिए अन्नदाता शब्द का इस्तेमाल किया। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें सामर्थ्यवान बनाने के लिए प्रधानमंत्री लगातार प्रयासरत हैं लेकिन कांग्रेस किसानों को बरगलाने गुमराह करने का काम कर रही है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि देश में जब जीएसटी लागू हुई थी, तब भी विपक्षी पार्टियों ने इसी तरह जनता को गुमराह करने का प्रयास किया था लेकिन अब व्यापारी जीएसटी से संतुष्ट हैं। इसी तरह विपक्षी कृषि कानूनों पर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
रैली को विधायक राजकुमार ठुुकराल, डॉ. प्रेम सिंह राणा, नवीन दुम्का, वन निगम अध्यक्ष सुरेश परिहार, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार गिरी, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, नैनीताल जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल, दलीप सिंह मक्कड़ सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
कृषि कानून वापस लेने के मूड में नहीं दिख रही सरकार
रुद्रपुर। किसानों के भारी विरोध के बावजूद सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के मूड में नजर नहीं आ रही है। बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में आयोजित भाजपा की किसान रैली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. निशंक ने इसके संकेत दिए। वह अपने संबोधन के दौरान कृषि कानूनों की प्रतियां लेकर मंच पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को कृषि कानून पढ़कर सुनाए। उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों के हित में हैं, इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान विपक्षी पार्टियों के झांसे में न आएं।
ट्रैक्टर में सवार विधायक ठुकराल पर फेंके संतरे, पुलिस से धक्कामुक्की
रुद्रपुर। कृषि कानूनों के विरोध में शहर में बृहस्पतिवार को जमकर बवाल होने से पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूले रहे। किसानों और विपक्षी दलों ने रैली में शिरकत करने ट्रैक्टर से जा रहे विधायक राजकुमार ठुकराल और उनके काफिले पर संतरे फेंककर विरोध कर बैरंग लौटा दिया। हंगामा कर रहे लोग पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की करते हुए बैरियर तोड़कर डीडी चौक पहुंच गए और हाईवे पर बैठकर प्रदर्शन किया। विरोध करने वालों के हुजूूम के आगे कम संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मी असहाय नजर आए।
बृहस्पतिवार सुबह महाराजा रणजीत सिंह पार्क में नए कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेस ने पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़, आम आदमी पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष करमसिंह पड्डा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर तीनों कानून वापस लेने की मांग की। कहा कि सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के बजाय अब सभाएं कर लोगों को गुमराह कर रही है।
इसी बीच विधायक राजकुमार ठुकराल की अगुवाई में ट्रैक्टर-ट्रॉली का काफिला मुख्य बाजार से होते हुए रणजीत सिंह पार्क के पास से गुजर रहा था। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने विधायक पर संतरे फेंक दिए। विधायक आगे बढ़े तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से धक्कामुक्की कर बैरियर तोड़ दिया और ठुकराल के काफिले को बल प्रयोग कर लौटा दिया। इसी बीच गदरपुर और बाजपुर के कई किसान हाथों में काले झंडे लेकर महाराजा रणजीत सिंह पार्क पर पहुंच गए। उन्होंने जुलूस निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
आक्रोशित किसानों ने पुलिस के बैरियर को तोड़कर डीडी चौक की ओर कूच किया। डीडी चौक पर 15 मिनट तक प्रदर्शन कर वाहनों की आवाजाही ठप कर दी। इसके बाद किसानों ने दोबारा गांधी मैदान में पहुंचकर सभा की और सरकार को कोसा।
प्रदर्शनकारियों में आप प्रदेश उपाध्यक्ष शिशुपाल सिंह रावत, सुरेंद्र कांबोज, विक्रमजीत विर्क, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा, सुशील गावा, हिमांशु गावा, हरनेक सिंह, साजन रंधावा, दिलजोत बाजवा, अंग्रेज सिंह, डॉ. वलियावली मंसूरी, असगर रजा, हरवीर प्रसाद, इंद्रजीत सिंह, काबल सिंह, हरप्रीत सिंह, फाजन सिंह, गुरप्रीत सिंह पिलेर सिंह रंधावा आदि थे।
बवाल शांत कराने के लिए टीम के साथ मोर्चे पर डटे रहे कप्तान
रुद्रपुर। विपक्षी दलों और किसानों के बवाल की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई। बैरियर मंगाकर सड़क को चारों ओर से घेर दिया गया था। इसके बावजूद किसान बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने में सफल रहे। बवाल को शांत कराने के लिए एसएसपी डीएस कुंवर टीम के साथ अंत तक मोर्चे पर डटे रहे। उन्होंने किसानों को समझाने का भरसक प्रयास किया।
सुबह 11 बजे विपक्षी दलों और किसानों का प्रदर्शन दोपहर 12 बजे हंगामे में तब्दील हो चुका था। हंगामे की सूचना मिलते ही एसएसपी डीएस कुंवर, एसपी सिटी देवेंद्र पींचा, राजेश भट्ट, एसपी क्राइम प्रमोद कुमार, प्रभारी एसडीएम जय किशन सिंह, ओसी कलक्ट्रेट नरेंद्र दुर्गापाल समेत पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे गए।
जिले के सभी सीओ को हंगामा बढ़ने की आशंका को लेकर मौके पर बुला लिया गया था। प्रदर्शनकारियों ने महाराजा रणजीत सिंह चौक से नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। विधायक के काफिले पर को लौटाने वाली भीड़ को समझाने के लिए एसएसपी खुद जुट गए और आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेताओं से वार्ता भी की।
नए कृषि कानून से किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सरकार कानून को सही बताकर दिहाड़ी मजदूरों को एकत्र कर सभाएं कर रही है। तराई के किसानों ने दिखा दिया है कि वह सरकार को मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं। - करम सिंह पड्डा, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। सरकार ने जल्द ही नए कृषि कानून को वापस नहीं लिया तो किसान बड़ी संख्या में दिल्ली कूच करेंगे। नया कृषि कानून किसानों के हित में नहीं है। - दलजीत सिंह रंधावा, प्रदेश कोषाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
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नए कृषि कानून को लेकर सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। कृषि कानून किसानों की आय को बढ़ाने वाला नहीं बल्कि कम करने वाला है। सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए। - अंग्रेज सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष।
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किसान लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका जवाब दिया जाएगा। - मलकीत सिंह संधू, ग्राम प्रधान चंदनपुर।
कैबिनेट मंत्री पांडेय की कार पर फेंकी चूड़ियां, सुरक्षा में चूक
गदरपुर। कृषि कानूनों के समर्थन में रुद्रपुर के मोदी मैदान में आयोजित रैली में शिरकत करने जा रहे शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को कांग्रेसियों का विरोध झेलना पड़ा। दो कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी करते हुए मंत्री की कार पर चूड़ियां फेंकते हुए उन्हें किसान विरोधी करार दिया। इसके बाद मंत्री ने कार रुकवाकर विरोधियों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। अचानक कांग्रेसियों के मंत्री की कार तक पहुंचने को उनकी सुरक्षा में चूक के रूप में देखा जा रहा है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय अपने काफिले के साथ गदरपुर से रुद्रपुर की ओर जा रहे थे। जैसे ही मंत्री का काफिला गूलरभोज तिराहे के पास पहुंचा तो वरिष्ठ कांग्रेसी प्रीत ग्रोवर एवं कांग्रेस नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ भुसरी अचानक कैबिनेट मंत्री पांडेय के वाहन के करीब पहुंच गए। उन्होंने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी कार पर चूड़ियां फेंक दीं। इसके बाद मंत्री की कार की गति धीमी हुई और शीशा नीचे कर कैबिनेट मंत्री ने सभी का हाथ जोड़कर अभिवादन किया।
इस दौरान मंत्री के वाहन को एस्कॉर्ट कर रहे पुलिसकर्मियों का वाहन भी आगे निकल गया। इसके बाद मंत्री का काफिला रुद्रपुर की ओर रवाना हो गया। घटना की जानकारी होने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना का पूरा वीडियो वायरल भी हो गया। इसे एक कैबिनेट मंत्री की सुरक्षा से चूक के रूप में देखा जा रहा है। थानाध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद था। जो घटनाक्रम हुआ है, उसकी जांच कर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
विरोध करने रुद्रपुर जा रहे बाजपुर के किसानों को रोका, हंगामा
बाजपुर। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में रुद्रपुर में भाजपा की रैली के विरोध में जा रहे किसानों को मलेरिया रोड स्थित हाईवे पर लेवड़ा नदी पुल पर पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। एएसपी राजेश भट्ट, एसडीएम एपी वाजपेयी, सीओ दीपशिखा अग्रवाल, प्रभारी कोतवाल आईपीएस सर्वेश कुमार पंवार, एसएसआई जसविंदर सिंह और एसएसआई देवेंद्र गौरव ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान नहीं माने। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हो गई।
गुस्साए किसान धरना पर बैठ गए प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क जाम होने से हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई। इस पर एएसपी राजेश भट्ट ने उच्चाधिकारियों ने वार्ता की। उसके बाद पुलिस के साथ किसान रुद्रपुर के लिए रवाना हुए। वहां दलजीत सिंह रंधावा, कुवंरजीत सिंह पूनिया, मनदीप सिंह, बल्देव सिंह, राजेंद्र सिंह, विक्रमजीत सिंह गिल, विक्रम लड्डू, गुरजीत सिंह सोही, गुरप्रताप सिंह, विक्की रंधावा, मंजीत सिंह पूनिया, प्रभशरण, अंग्रेज सिंह, इंदरजीत सिंह, रंजीत सिंह आदि थे।
अब ओछी हरकत कर रही सरकार : पड्डा
बाजपुर। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में भी किसानों का आंदोलन चल रहा है। रुद्रपुर में जाकर शांतिपूर्वक रूप से विरोध प्रकट करने जा रहे थे लेकिन किसानों को रास्तों में रोककर सरकार ओछी हरकत कर रही है।
सरकार को समझ लेना चाहिए कि अब देशभर का किसान सड़कों पर आ चुका है। इधर, दिल्ली में चल रहे किसानों के समर्थन में किसान बेटियों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को शहीद भगत सिंह चौक पर एबीवीपी के प्रांतीय सदस्य आशीष ठाकुर ने उपवास रखकर धरना दिया। वहां जसकिरन कौर, प्रभजोत कौर, खुशमन कौर समेत अन्य मौजूद थे।
केंद्रीय मंत्री निशंक और शिक्षा मंत्री पांडेय के पुतले फूंके
लालपुर/गदरपुर। कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेसियों ने धरना-प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का पुतला फूंका। इससे पूर्व कांग्रेस प्रदेश सचिव संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रामेश्वरपुर मोड़ पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जबरन यह कानून किसानों पर थोपना चाहती है लेकिन पूरे देश का किसान एकजुट है और सरकार को कानून वापस लेने की पड़ेंगे।
पुतला फूंकने वालों में पुष्कर राज जैन, ब्लाक अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, गुरदास कालड़ा, अरुण तनेजा, विनोद कोरंगा, फिरदौस सलमानी, काली सचदेवा, यामीन अंसारी, परवेज मालिक, नरेंद्र ग्रोवर, शरीफ मलिक, चंदन पांडे, निशान सिंह, अखलाक अहमद, अनवर हुसैन आदि थे।
उधर, गदरपुर में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रीत ग्रोवर की अगुवाई में कार्यकर्ता और किसानों ने बेरिया बाजपुर लिंक मार्ग में गोपालनगर के पास शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का पुतला फूंककर आक्रोश जताया।
वहां भीम ठुकराल, राजीव ग्रोवर, मंगत बत्रा, अशोक गंडा, दीपक गंडा, धर्मपाल, सुरेश ग्रोवर, विशाल मक्कड़, सुरेश गंडा, सोमनाथ वाधवा, बंटी दरगन, जगदीश बठला, वीरेंद्र ग्रोवर, केवल बठला, राजकुमार हंस, अविनाश सुधा, बलदेव छाबड़ा, अनमोल दरगन आदि थे।
दलजीत सिंह रंधावा।- फोटो : RUDRAPUR
करमसिंह पड्डा।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के डीडी चौक पर जाम लगाते किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के गांधी पार्क में किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष से वार्ता करते एसएसपी।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में महाराजा रणजीत सिंह पार्क में प्रदर्शन करते कांग्रेसी व किसान।- फोटो : RUDRAPUR
गदरपुर में शिक्षा मंत्री की कार में चूड़ियां फेंकता कांग्रेसी।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में बैरियर तोड़कर विधायक ठुकराल का काफिला रोकते कांग्रेसी व किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के डीडी चौक में बैठकर प्रदर्शन करते किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में भाजपा की रैली में ट्रेक्टर चलाकर आते विधायक ठुकराल।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में भाजपा की रैली में केंद्रीय मंत्री डॉ. निशंक को तलवार भेंट करते विधायक ठुकराल।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के मोदी मैदान में आयोजित भाजपा की किसान रैली में मौजूद लोग।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में किसान रैली को संबोधित करते डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक।- फोटो : RUDRAPUR