सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के बाद नवजात शिशु और मां दोनों की मौत हो गई। इससे भड़के परिजनों और ग्रामीणों ने लेडी डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना दिया और पुलिस को आरोपी डाक्टर के खिलाफ तहरीर दी। हंगामे को देख अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम और सीओ ने अस्पताल पहुंचकर आक्रोशित लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सोमवार तड़के करीब चार बजे भिटौरा गांव निवासी अवरार अहमद अपनी 35 वर्षीया गर्भवती पत्नी हसीना को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा। करीब 5:45 बजे हसीना ने नवजात बेटे को जन्म दिया। लेकिन कुछ देर बाद शिशु की मौत हो गई। शिशु के शव को परिजन अपने साथ घर ले गए। जबकि, हसीना अस्पताल में ही भर्ती रही। एक घंटे बाद 6:45 बजे हसीना की भी मौत हो गई। इससे भड़के परिजन और ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा काटा और लेडी डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि डिलीवरी के बाद जब हसीना की तबियत बिगड़ी तो लेडी डाक्टर को बुलाया गया। लेकिन, वह नहीं आईं और दवा भी बाहरी मेडिकल से लिखी, जो नहीं मिली। आरोप लगाया कि डाक्टर ने डिलीवरी के एवज में रुपयों की भी मांग की।
उन्होंने लेडी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल में ही धरना दिया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि न तो डाक्टर ही तैनात किए और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हंगामा देख कोतवाल चन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में खटीमा व नानकमत्ता थाने, शक्तिफार्म व सरकड़ा चौकी की पुलिस और पीएसी के जवान अस्पताल में पहुंच गए। राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के उपाध्यक्ष खतीब अहमद ने अधिकारियों से मिल आरोपी लेडी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई और मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।
एसडीएम चन्द्र सिंह इमलाल और सीओ प्रताप सिंह पांगती ने अस्पताल पहुंचकर ग्रामीणों को आरोपी लेडी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। धरना प्रदर्शन करने वालों में भाजयुमो जिलाध्यक्ष आदेश ठाकुर, प्रधान बाहुद्दीन खां, पूरन चौहान, शाकिर अली खां, मंजीत सिंह ज्ञानी, सुमन राय, विद्या अग्रवाल, मो. इकबाल, इकरार अहमद, बाबू शाह, ताजुद्दीन, मो. ताहिर, असीम अहमद, सुब्हान शाह, मकबूल अहमद, अली मोहम्मद, जावेद सिद्दीकी आदि थे।