काशीपुर। शहर के बीच में बना आरओबी रोडवेज बस यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया है। इसकी वजह से बसें अब डिपो न आकर डायवर्ट रूट से चली जाती हैं। डायवर्ट रूट पर कहीं भी स्टॉपेज निर्धारित न होने से यात्रियों को भटकना पड़ता है। खासकर एमएसटी होल्डर व सीनियर सिटीजन के लिए यह परेशानी का सबब हो गया है।
वर्ष 2017 में जब आरओबी की महाराणा प्रताप चौक पर नींव रखी गई थी, उसके बाद से प्रशासन ने जन सुरक्षा के मद्देनजर रोडवेज बसों के रोडवेज डिपो परिसर में आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही डायवर्ट रूट तय कर दिया था। इसके बाद से रोडवेज बस के यात्रियों के लिए बस पकड़ना मुसीबत बन गया है। क्षेत्रवासी आकाश गर्ग, अंकित शर्मा, हरीश कुमार ने बताया कि महाराणा प्रताप चौक पर बना आरओबी शहरवासियों के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुआ, बल्कि इसके बनने के बाद से परेशानी बढ़ी है। रोडवेज बसें बस स्टेशन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसी स्थिति में यदि किसी व्यक्ति को शहर से बाहर जाना हो और बस पकड़नी हो तो उसके लिए डायवर्ट रूट पर जाना मजबूरी बन चुकी है।
वहीं रोडवेज डिपो प्रशासन ने डायवर्ट रूट पर कहीं भी स्टॉपेज निर्धारित नहीं किए हैं। बताया कई बार तो बस रोकने का इशारा करने के बावजूद चालक बस को नहीं रोकते हैं। कहा कि डिपो प्रशासन को बसों के कम से कम दो स्टॉपेज डायवर्ट रूट पर निर्धारित करने चाहिए और वहां कर्मचारी तैनात करने चाहिए।
एआरएम, देशराज अंबेडकर ने बताया कि हमारे पास स्टाफ की लंबे समय से कमी चल रही है। इसके चलते हम कहीं भी स्टापेज निर्धारित नहीं कर सकते हैं। कार्यालय में ही स्टाफ कम है ऐसे में स्टापेज बनाना और कर्मचारी की ड्यूटी न लगा पाना मजबूरी है।