साढे़ आठ साल पहले रुद्रपुर में हुए अंकित हत्याकांड के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर चार महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने साढे़ आठ साल पहले रुद्रपुर में हुए अंकित हत्याकांड के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर चार महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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जानकारी के अनुसार आदर्श इंदिरा बंगाली कॉलोनी निवासी सुनील पाल का पांच साल का बेटा अंकित पाल 21 दिसंबर 2016 की शाम पांच बजे घर के बाहर से लापता हो गया था। शाम करीब नौ बजे सुनील के नंबर पर अज्ञात व्यक्ति ने काल कर बच्चे का अपहरण करने और छोड़ने की एवज में 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने 22 दिसंबर 2016 की सुबह पुलिस ने रामपुर जिले के कैमरी रोड के कोठा जागीर गांव के रेलवे स्टेशन तिराहे से कृष्णा श्रीवास्तव, भरपूर सिंह और सोनू निवासी ग्राम हल्दुआ थाना कैमरी जिला रामपुर और एक किशोर को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर भाखड़ा नहर में फेंका गया अंकित का शव बरामद किया गया था।
सुनील की कैटरिंग में कृष्णा और किशोर काम करते थे। सुनील से फिरौती के लिए उन्होंने अंकित का अपहरण किया था। इसके बाद रुद्रपुर रोडवेज बस अड्डे से उनके दो साथी बाइक पर अंकित को लेकर घटनास्थल पर गए थे। यहां पर अंकित की गला दबाकर हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। 29 अप्रैल 2017 को न्यायालय ने नाबालिग की पत्रावली को अलग कर दिया था। तीनों अभियुक्तों के खिलाफ द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देऊपा की अदालत में केस चला था। इसमें तीनों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध हो गया। अदालत ने तीनों को सजा सुनाई।