काशीपुर। डेढ़ घंटे की मैराथन बैठक के बाद आखिरकार विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में किसान व राइस मिलर्स के बीच समझौता हो गया। अब किसान को राइस मिलर्स ही उनके धान के दाम आपसी समझौते के मुताबिक देंगे। किसानों ने अपनी उपज के भुगतान की मांग को लेकर बीते दिनों धरना-प्रदर्शन किया था।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसानों ने राइस मिलों को दिए धान को पोर्टल पर नहीं चढ़ाने और भुगतान की मांग को लेकर बीते सोमवार की दोपहर में क्रय-विक्रय सहकारी समिति कार्यालय में तालाबंदी करके अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस दौरान जैसे ही प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को जानकारी मिली तो कई दौर की धरना-स्थल पर वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
शुक्रवार शाम चार बजे से मंडी गेस्ट हाउस में आरएमओ लता मिश्रा, डीआरएमओ देवेश आर्य, एसएमओ अतुल चतुर्वेदी की मौजूदगी में राइस मिलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष सचिन गोयल व भाकियू युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू, प्रदेश प्रवक्ता मनप्रीत के साथ बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि जिस किसान ने जिस भी राइस मिल को धान दिया है, वह ही उसको भुगतान करेगा। इसके लिए दोनों के बीच दाम को लेकर पहले समिति के लेखाधिकारी राजकुमार सिंह के साथ वार्ता होगी। जो भी दाम आपसी सहमति से तय होगा उसका मिलर्स भुगतान करेंगे।
भुगतान के संबंध में परेशानी आने पर निगरानी के लिए कमेटी का गठन किया गया। इसमें आरएमओ लता मिश्रा, भाकियू के जितेंद्र सिंह जीतू, मनप्रीत सिंह, प्रताप विर्क व दर्शन सिंह देयोल शामिल रहेंगे। यह कमेटी भुगतान संबंधी विवाद को निपटाएगी। बैठक में सहमति बनने के बाद भुगतान संबंधी मामले में विराम लग गया। यहां पर राइस मिलर्स सोनू अरोरा व कुलदीप सिंह के अलावा भाकियू के जिलाध्यक्ष उदित शर्मा, प्रताप विर्क, हैप्पी ढिल्लो, दीपक चौधरी आदि मौजूद रहे।