रुद्रपुर। तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग हादसे का कारण बनती है। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) की ओर से लगातार की जा रही कार्रवाई के बाद भी इस पर नकेल नहीं कसी जा पा रही है। एक वर्ष में परिवहन विभाग ने तेज रफ्तार के 10,886 मामले पकड़े। मालवाहक और यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग के 2604 मामले सामने आए।
लगभग हर दिन तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के मामले सामने आ रहे हैं। बीते वर्ष परिवहन विभाग ने तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर 10,886 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की थी। सीपीयू की पकड़ में तेज रफ्तार के 1264 मामले आए थे। यातायात पुलिस ने पिछले तीन महीने में ओवरस्पीड के 530 मामलों में कार्रवाई की।
बात ओवरलोडिंग की करें तो परिवहन विभाग ने बीते वर्ष 1560 यात्री वाहनों को ओवरलोडिंग के मामले में पकड़ा। 1044 भार वाहन ओवरलोडिंग में पकड़े गए। सीपीयू ने बीते वर्ष ओवरलोडिंग और ओवरहाइट में 163 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की।
इस वर्ष भी नहीं रुक रही ओवरलोडिंग
परिवहन विभाग ने इस वर्ष मई तक भारी वाहनों में ओवरलोडिंग के 1872 मामले पकड़े हैं। यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग के 524 मामले सामने आए हैं।
कोट
तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों पर लगातार नजर रखी जा रही है। लगभग हर दिन कार्रवाई हो रही है। अभियान को और तेज किया जाएगा। - नवीन कुमार सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन, रुद्रपुर