काशीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बावजूद संभागीय उप परिवहन अधिकारी की ओर से सीज किए गए ई-रिक्शा को रिलीज न करने का मामला सामने आया है। वाहन स्वामी ने एआरटीओ पर न्यायालय की अवमानना का आरोप लगाते हुए ई-रिक्शा सुपुर्दगी में दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
तीन मार्च 2026 को एआरटीओ ने चेकिंग के दौरान मोहल्ला गंज निवासी मोहम्मद इकबाल के ई-रिक्शा (यूके 18 ईआर 3680) को सीज किया था। ई-रिक्शा स्वामी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से वाहन को रिलीज कराने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। एसीजेएम सचिन कुमार ने 15 मई 2026 को आदेश पारित कर ई-रिक्शा को स्वामी मोहम्मद इकबाल के पक्ष में अवमुक्त करने का निर्देश दिया। आदेश की प्रति लेकर वह 16 मई को एआरटीओ कार्यालय पहुंचे तो कर्मचारियों ने ई-रिक्शा को रिलीज नहीं किया। इकबाल ने 13 जून 2026 को न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर एआरटीओ पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाया। कोर्ट ने इस मामले में एआरटीओ को नोटिस जारी किया है। इस मामले की सुनवाई नौ जुलाई को होगी। संवाद
कोट
ई-रिक्शा को एमवी एक्ट में जमा किया गया था। उसका रिलीज आर्डर 16 मई 2026 को मिला था लेकिन मोटरयान अधिनियम के तहत उक्त ई-रिक्शा पर टैक्स बकाया था। टैक्स जमा होने पर 27 मई को ई-रिक्शा रिलीज कर दिया गया है। - संदीप वर्मा, एआरटीओ (प्रवर्तन)