काशीपुर। 18 साल पुराने दहेज उत्पीड़न मामले में अदालत ने आरोपी सास को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। इस मुकदमे में आरोपी पति की मृत्यु होने पर उसके खिलाफ मामला उपशमित कर दिया गया।
मोहल्ला काजीबाग निवासी निधि चौधरी ने 8 नवंबर 2018 को कोतवाली में तहरीर दी थी कि शादी के बाद से ही पति मोहित चौधरी और सास फूला देवी दहेज को लेकर ताने देते थे और मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न करते थे। 7 नवंबर 2018 को रात 11 बजे पति व सास ने उसे पीटा। पुलिस ने मोहित चौधरी और फूला देवी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान 10 मार्च 2023 को आरोपी पति मोहित चौधरी की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई जबकि सास फूला देवी के खिलाफ ट्रायल चला। अभियोजन पक्ष ने कई गवाह पेश किए। संबंधित पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट/ प्रथम एसीजेएम चेतन सिंह गौतम की अदालत ने आरोपी सास फूला देवी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।