जिला अस्पताल में स्थित बर्न वार्ड की हालत खराब है। वार्ड में दो बेड लगे हैं। खिड़कियों के शीशे टूटे होने के कारण कामचलाऊ व्यवस्था के तहत उन्हें अखबारों की कतरनों से ढका गया है। वार्ड में एसी तो लगा है, लेकिन उसकी हालत भी बहुत अच्छी नहीं है।
गर्मी को देखते हुए आग की काफी घटनाएं होती हैं। कई बार लोगों के झुलसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। मरीजों को बेहतर उपचार मिले, इसलिए जिला अस्पताल में बर्न वार्ड है। हालांकि अधिकांश मामलों में मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। लेकिन हल्के जले मरीजों को वार्ड में रखा जाता है।
लेकिन दो बेड वाले वार्ड की व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है। खिड़कियों में कई शीशे टूट चुके हैं, जिन्हें अखबार या गत्ते लगाकर किसी तरह ढका गया है। वार्ड में लगा एसी भी पुराना हो गया है, उसके एक-दो बटन भी गायब हैं। अगर एसी चलता भी है तो उसका फायदा मरीजों को मिलता होगा, ऐसा लगता नहीं है।
वर्तमान में वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरके पांडे कहते हैं कि बर्न वार्ड में सफाई की जाती रहती है। वहां एसी भी लगा हुआ है। एसी काम कर रहा है या नहीं इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। फिलहाल वहां मरीज नहीं है। अस्पताल में कई खिड़कियों में शीशे नहीं है। बजट मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाएगा।