काशीपुर में रामनगर रोड पर अनशन पर बैठी महिला।
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काशीपुर। कथित रूप से दहेज उत्पीड़न से परेशान एक विवाहिता गले में तख्ती लटकाकर सरकारी अस्पताल के पास आमरण अनशन पर बैठ गई। हाईवे पर बैठी यह महिला कौतुहल का केंद्र बन गई। महिला का कहना है कि इंसाफ के लिए उसने पुलिस अधिकारियों से लेकर नेताओं तक के चक्कर लगाए। लेकिन कार्रवाई न होने पर मजबूरन उसे यह कदम उठाना पड़ा है।
शनिवार को सैनिक कालोनी निवासी ललिता बघेल अपने पति व ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गले में तख्ती लटकाकर हाईवे पर बैठ गई। जानकारी होने पर मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए। ललिता ने बताया कि वह राजनीतिज्ञ शास्त्र में एमए व फैशन डिजाइनर है। सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान बल्लूपुर देहरादून निवासी एक युवक से हुई थी। 12 वर्ष पूर्व उसने उक्त युवक से प्रेम विवाह किया था। उसके पति बड़ौदरा, गुजरात में नौकरी करते है। विवाह के बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया।
पिछले कई साल से पति व ससुराली दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। गुजारे के लिए उसने देहरादून के एक निजी संस्थान में नौकरी भी की। लेकिन ससुरालियों के कारण उसे यह नौकरी भी छोड़नी पड़ी। चार साल पहले पति ने बच्चा छीनकर उसे घर से निकाल दिया। तब से वह अपने मायके सैनिक कालोनी में रह रही है। पति अब उससे कोई वास्ता नही रख रहा है और न ही उसे गुजारा भत्ता दे रहा है।
इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर उसने पुलिस अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटे, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नही हुई और न ही नेताओं ने उसकी गुहार पर कोई ध्यान दिया। महिला का कहना है कि वह अपनी ससुराल लौटना चाहती है। ऐसे में उसे सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। वहीं कोतवाल चंद्रमोहन ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में लाया गया है। विवाहिता से संपर्क कर इस मामले में जानकारी जुटाई जा रही है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।