फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udham Singh Nagar News: चर्चित पार्षद धामी हत्याकांड में फरार 25 हजार का इनामी शूटर गिरफ्तार

Thu, 09 Apr 2026 12:54 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रपुर। चर्चित भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश सिंह धामी हत्याकांड में पांच वर्षों से फरार चल रहे 25,000 के इनामी शूटर को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से मध्य प्रदेश निवासी आरोपी रिंकू शर्मा उर्फ पंडित पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। बुधवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया है।
विज्ञापन

एसटीएफ के इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने बताया कि 12 अक्तूबर 2020 को सुबह नौ बजे कार सवार बदमाशों ने भदईपुरा वार्ड 13 में भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश सिंह धामी की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात से पहले एक युवक ने पार्षद धामी को घर के बाहर बुलाया और बातचीत में उलझा लिया।
इसी दौरान कार में सवार अन्य बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां धामी के सिर, गले और सीने में लगीं। पार्षद को अस्पताल में चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था। वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
विज्ञापन

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बुधवार तड़के एसटीएफ को सूचना मिली कि इनामी शूटर रुद्रपुर में है जिस पर एसटीएफ और रुद्रपुर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने उसकी घेराबंदी की और रिंकू शर्मा उर्फ पंडित निवासी जग्गा का पुरा थाना डिमनी जिला मुरैना (एमपी) को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या के पीछे की वजह
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि यह हत्या राजनीतिक रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व के लिए हुई थी। हत्या को अंजाम देने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पेशेवर शूटरों को चार लाख की सुपारी दी गई थी। इस प्रकरण में पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया। पुलिस छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी जबकि रिंकू शर्मा उर्फ पंडित फरार था। एमपी, यूपी और उत्तराखंड का कुख्यात अपराधी रिंकू शर्मा उर्फ पंडित एक शातिर और पेशेवर शूटर है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ एमपी, यूपी, और उत्तराखंड में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी व गैंगस्टर एक्ट के करीब 12 मामले दर्ज हैं।


बड़े आपराधिक नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद
पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात के बाद ठिकाना बदलने में माहिर है। उसका नाम कई संगठित गिरोहों से भी जुड़ा बताया जाता है। एसटीएफ की गिरफ्तारी के बाद अब उसके अन्य आपराधिक नेटवर्क और संपर्कों की भी जांच शुरू कर दी गई है। शातिर रिंकू शर्मा उर्फ पंडित पिछले पांच वर्षों से लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। वह पहचान छिपाने के लिए बार-बार मोबाइल नंबर बदलता और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करता था। जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलकर रहता था और हर वारदात के बाद भूमिगत हो जाता था। वह तकनीकी निगरानी से बचने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी सीमित उपयोग करता था। एसटीएफ के लिए उसे पकड़ना आसान नहीं था लेकिन सर्विलांस के सटीक तालमेल ने आखिरकार उसे गिरफ्तार करवा दिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों से मदद मिलती रही।
सुपारी किलिंग का नेटवर्क उजागर
प्रकाश धामी हत्याकांड ने एक बार फिर सुपारी किलिंग के खतरनाक नेटवर्क को उजागर किया है। पुलिस के मुताबिक इस हत्या के लिए करीब चार लाख की सुपारी दी गई थी जिसमें बाहर के राज्यों के पेशेवर शूटरों को शामिल किया गया। रिंकू शर्मा इसी नेटवर्क का अहम हिस्सा था जो पैसे लेकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देता था। इस तरह के गिरोह आमतौर पर स्थानीय विवादों को हिंसक रूप देने का काम करते हैं।
- पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड राज्य के चर्चित जघन्य अपराधों में से एक था जिसमें शामिल आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया है। - अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें