काशीपुर में जिस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में पुलिस पस्त हो चुकी थी और 72 घंटे बाद भी हाथ खाली थे। उसी ब्लाइंड मर्डर को मोबाइल की एक रिंग ने महज 10 मिनट में खोल दिया। घर बैठे पुलिस को मुलजिम भी मिल गए और साक्ष्य भी।
धनौरी रामनगर रोड पर 20 अगस्त की सुबह विशालनगर काॅलोनी निवासी युवती का शव पड़ा मिला था। मां बिदुली देवी ने एक युवक का नाम लेकर आरोप लगाया तो पुलिस को लगा कि मामला प्रेम संबंध का है और जल्द खुलासा हो जाएगा। तफ्तीश आगे बढ़ी तो इसमें मंगेतर के तौर पर एक और किरदार सामने आया। इसके बाद तो नए-नए लोगों पर शक गहराता चला गया। मोबाइल की सीडीआर से तो जांच के इतने चैनल खुल गए कि पुलिस भी चकरा गई।
कई नंबरों पर लंबी बातें होना पाई गई तो कई नंबरों से मृतका के मोबाइल पर रिचार्ज पाए गए। रिश्तों की उलझन में मृतका की मां को भी जांच के दायरे में लिया गया। पुलिस की सात टीमें दिन-रात सीसीटीवी कैमरे खंगालती रहीं। चार मैन्युअल टीमें लगाई गईं। खुद एसएसपी अजय गणपति ने काशीपुर आकर कमान संभाली लेकिन नतीजा नहीं निकल पा रहा था। पुलिस हांफने लगी थी और धैर्य जवाब देने लगा था।
पुलिस अधिकारी भी मानने लगे थे कि इस ब्लाइंड केस के खुलासे में समय लग सकता है। तीसरे दिन पुलिस ने मृतका का मोबाइल नंबर डायल किया तो उम्मीद की रिंग सुनाई पड़ी। दूसरी तरफ डंपर चालक छोटू था। छोटू ने पूछताछ में बताया कि यह मोबाइल उसे सड़क पर गिरा मिला था, यह मोबाइल मृतका कांति झा का था। 10 मिनट की पूछताछ में छोटू ने बताया कि यह मोबाइल एक अन्य डंपर चालक राजू ने फेंका था। पुलिस ने डंपर मालिक की मदद से दोनों आरोपियों राजू और सुमित को धर दबोचा।
प्यार और परिवार के बीच झूल रही कांति की नसीब हुई मौत
उन्मुक्त जिंदगी जीने वाली कांति अपनी राह खुद चुनना चाहती थी लेकिन उसकी मां उसे टैक्सी चालक के पल्ले बांधना चाहती थी। प्यार और परिवार की धुरी के बीच झूल रही एक जिंदगी को नसीब में मौत मिली। कांति के पिता बच्ची झा 22 साल पहले रोजी-रोटी के लिए काशीपुर आकर बसे थे। पिता को लकवा हुआ तो इलाज के लिए अपना मकान तक बेचना पड़ा। बीमार पिता बिस्तर पर हैं, घर के फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं। एक बेटा परिवार से अलग रहता है और बड़ी बहन शांति देहरादून में है। घर में पिता के अलावा मां बिदुली और कांति थीं। मां चाहती थी कि कांति, मालवा फार्म निवासी टैक्सी चालक विकास दुबे से शादी कर ले। विकास का घर में काफी आना-जाना था। शुरू में कांति भी इस रिश्ते पर सहमत थी लेकिन फिर जिंदगी में एंट्री हुई रम्पुरा निवासी जॉनी की। जॉनी को मॉडलिंग का शौक था, सोशल मीडिया पर रील्स, फोटोशूट और चमक-दमक वाली दुनिया में रहने वाले जॉनी की तरह कांति को भी उन्मुक्त जीवन पसंद था। वह धीरे-धीरे विकास से दूर होती गई और जॉनी के करीब आती गई। यहीं से मां-बेटी के बीच की रार शुरू हुई।
...और उस रात को सब कुछ बिखर गया
घटना से एक रात पहले देर रात 12 बजे विकास और कांति के बीच जमकर मारपीट हुई। बात इतनी बढ़ी कि डायल 112 पर फोन कर पुलिस तक बुलानी पड़ी। शिकायत के बाद कांति उसी रात घर छोड़कर प्रेमी जॉनी के घर चली गई। देर रात करीब दो बजे जॉनी उसे उसके घर छोड़ गया। घर आते ही मां बिदुली से फिर तकरार हुई। देर रात वह पड़ोसी की छत फांदकर घर से निकल गई। मंजिल थी, जॉनी का घर। रात का सन्नाटा और सड़क सूनी। तभी सामने से आ रहे एक डंपर को उसने हाथ दिया। डंपर रुक गया, कांति ने लिफ्ट ले ली। और फिर वह आरोपियों के हाथों मौत का शिकार हो गई।