काशीपुर। क्षेत्र में डेंगू ने अपनी दस्तक दे दी है। जसपुर के एक मरीज को लक्षण मिलने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में 10 बेडों का डेंगू वार्ड बनाया गया है।
पिथौरागढ़ निवासी कुंदन सिंह (22) पुत्र महेंद्र सिंह देहरादून में प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग कर रहा है। उसे दो दिन पूर्व से बुखार की शिकायत हुई। 21 अगस्त को वह जसपुर में अपने बड़े भाई विपिन के पास पहुंचा। बृहस्पतिवार को एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में उसकी जांच कराने पर डेंगू के लक्षण पाए गए। कुंदन की प्लेटलेट्स करीब 70 हजार पहुंच चुकी थी।
हालत गंभीर देखते हुए अस्पताल के डेंगू वार्ड में मरीज को भर्ती किया। जीडीएमओ डॉ. अमरजीत सिंह साहनी ने बताया कि एक सप्ताह से प्रतिदिन 160 ओपीडी होती है। इनमें से करीब 20 फीसदी मरीजों में वायरल फीवर की शिकायत बताई जा रही है। डेंगू के लक्षण मिलने पर एक रोगी को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। एक अन्य मरीज का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
अस्पताल के ट्रामा सेंटर को डेंगू वार्ड बनाया गया है। डेंगू वार्ड में पांच बेड को मच्छरदानी से कवर्ड किया गया है। उन्होंने बताया कि सिर दर्द होने, जी मिचलाने, पैरो में दर्द होना, आंखो में पानी आना, किसी किसी मरीज में खुजली के साथ दाने होने पर चिकित्सक को तुरंत दिखाए। डेंगू से बचने के लिए घरों या आसपास में बरसात का पानी जमा नहीं होने दे। शरीर को कपड़ों से ढककर रखें।
डेंगू के लक्षण
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार आना।
बदन टूटन्रा, ज्यादातर जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है।
जी मिचलाना।
शरीर पर छोटे लाल चकत्ते होना।
आंख के पीछे के हिस्से में दर्द होना।
अधिक थकावट महसूस होना।
गले में हल्का सा दर्द होना।
इलाज
अगर मरीज को साधारण डेंगू बुखार है तो उसका इलाज और देखभाल घर पर की जा सकती है।
डॉक्टर की सलाह लेकर पैरासिटामोल, क्रोसिन आदि दवा ले सकते हैं।
एस्प्रिन, डिस्प्रिन आदि, बिल्कुल न लें। इनसे प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं।
सामान्य रूप से खाना देना जारी रखें। बुखार की हालत में शरीर को और ज्यादा खाने की जरूरत होती है।
मरीज को अधिक से अधिक आराम करने दें।
बरतें एहतियात
ठंडा पानी न पीएं, मैदा और बासी खाना न खाएं।
खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।
इस मौसम में पत्ते वाली सब्जियां, अरबी, फूलगोभी न खाएं।
हल्का खाना खाएं, जो आसानी से पच सके।
पूरी नींद लें, खूब पानी पीएं और पानी को उबालकर पीएं।
मिर्च मसाले और तला हुआ खाना न खाएं, भूख से कम खाएं, पेट भर न खाएं।
खूब पानी पीएं। छाछए नारियल पानीए नीबू पानी आदि खूब पीएं।
मच्छरों को पैदा होने से रोकने के उपाय
घर या ऑफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें, रुकी हुई नालियों को साफ करें।
अगर पानी जमा होने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन ऑयल डालें।
रूम कूलरों, फूलदानों का सारा पानी हफ्ते में एक बार और पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करें, उन्हें सुखाएं और फिर भरें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें। अगर रखें तो उलटा करके रखें।
डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें।
अगर मुमकिन हो तो खिड़कियों और दरवाजों पर महीन जाली लगवाकर मच्छरों को घर में आने से रोकें।
मच्छरों को भगाने और मारने के लिए मच्छरनाशक क्रीम, स्प्रे, मैट्स कॉइल्स आदि इस्तेमाल करें। गुग्गुल के धुएं से मच्छर भगाना अच्छा देसी उपाय है।
घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छरनाशक दवा का छिड़काव जरूर करें। यह दवा फोटो-फ्रेम, पर्दों, कैलेंडरों आदि के पीछे और घर के स्टोर-रूम और सभी कोनों में जरूर छिड़कें।