खटीमा। हल्दीघेरा गांव में हाईटेक गोशाला के निर्माण के लिए दूसरे चरण में 3,22,76,000 रुपये स्वीकृत हो गए हैं। इस धनराशि से सभी शेष निर्माणाधीन कार्य पूरे किए जाएंगे। इस गोशाला में लगभग 2000 पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी के नोडल अधिकारी दिनेश यादव ने बताया कि खटीमा विकासखंड के हल्दीघेरा गांव में सात एकड़ में हाईटेक गोशाला का निर्माण कार्य चल रहा है। चहारदीवारी और एक शेड बनकर तैयार हैं। यह हाईटेक गोशाला मुख्यमंत्री धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा है। बताया कि पहले चरण में कार्यदायी संस्था पेयजल निगम ने कार्य किया था। दूसरे चरण का कार्य कार्यदायी संस्था पंचायती राज विभाग करेगा। बताया कि गोशाला में अभी दो शेड, केयर टेकर आवास, भूसा घर का होगा निर्माण होना है।
बता दें कि आठ जुलाई 2024 को खटीमा में आई बाढ़ के दौरान झनकट के दियां गांव में बनाई गई गोशाला बह गई थी जिसके बाद कई पशुओं को जिले की दूसरी गोशालाओं में शिफ्ट किया गया था। वर्तमान में खटीमा के बिरिया मझोला गांव में अस्थायी गोशाला चल रही है लेकिन वहां पशुओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। हल्दीघेरा में गोशाला का निर्माण होने से लावारिस पशुओं को रखने की समस्या दूर हो जाएगी।
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फोटो-08 केटीएम 02पी- हल्दीघेरा गांव में निर्माणाधीन हाईटेक गोशाला।
सड़कों पर नहीं डेढ़ करोड़ के गोशाला में रहेंगे पशु
- राजस्व विभाग ने गांव खुनसरा में ढाई एकड़ जमीन का किया सीमांकन
सितारगंज में लावारिस पशुओं को मिलेगा आशियाना
संवाद न्यूज एजेंसी
सितारगंज। शहर में लावारिस पशुओं को आशियाना देने की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने जमीन का सर्वे कर सीमांकन की प्रकिया पूरी कर दी है। जमीन के चारों ओर करीब 350 मीटर लंबी चहारदीवारी का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसमें डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आएगी। जल्द ही सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को गोशाला में सुरक्षित स्थान उपलब्ध होगा।
गांव खुनसरा में राजस्व विभाग ने गोशाला बनाने के लिए करीब ढाई एकड़ जमीन को पशुपालन विभाग को हस्तांतरित किया था। वहीं, विभाग ने जमीन की चहारदीवारी के लिए पेयजल निगम देहरादून को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
कानूनगो वीरेंद्र लाल ने बताया कि गांव खुनसरा में करीब ढाई एकड़ जमीन को पशुपालन विभाग को हस्तांतरित किया गया है। सोमवार को जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया को पूरी कर लिया गया है। विभाग के अनुसार सीमांकन की कागजी कार्यवाही पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।