उकरौली नदी में अवैध खनन कर रेता-बजरी का स्टॉक करने वाले खनन माफियाओं के खिलाफ राजस्व विभाग ने जहां 98 लाख के अर्थदंड की संस्तुति कर रिपोर्ट डीएम को भेजी है। वहीं, पटवारी की तहरीर पर तहसीलदार ने पुलिस को सात खनन कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
तहसीलदार रमेश चंद्र गौतम ने बताया कि बीते दिन छापेमारी के दौरान उकरौली खनन क्षेत्र में बालाजी कंपनी के पीछे खनन माफियाओं की ओर से नदी में अवैध खनन कर रेता बजरी का अवैध स्टॉक लगाया गया था। जिसे राजस्व टीम ने अपने कब्जे में ले लिया था। तहसीलदार गौतम ने बताया कि सात स्टॉक मिले थे।
जिनमें संतफार्म के चरनजीत सिंह उर्फ चन्ना ने 13 सौ घनमीटर, जगजीत सिंह उर्फ लक्की ने 15 सौ घनमीटर, सिडकुल के विजय डसीला ने 12 सौ घनमीटर, उकरौली के दीपक पांडे ने नौ सौ घनमीटर, राजेंद्र सिंह ने एक हजार घनमीटर, तिलियापुर के सूर्य प्रताप सिंह ने 12 सौ घनमीटर और शक्तिफार्म के ललित रौतेला ने 13 सौ घनमीटर रेता-बजरी का अवैध स्टॉक किया था। जिन पर 98 लाख रुपये अर्थदंड वसूलने की संस्तुति कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।
मंगलवार को पटवारी रामअवतार की तहरीर पर तहसीलदार आरसी गौतम ने पुलिस को सातों खनन कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार गौतम ने बताया कि डीएम के निर्देश पर छापेमारी के दौरान पाए गए अवैध स्टाक लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। इसके लिए उन्होंने कोतवाली आकर पुलिस मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दिए। कहा कि किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।