जसपुर। धान की तौल में धांधली के आरोप की जांच नहीं होने से आक्रोशित किसान जगजीत सिंह भुल्लर आमरण अनशन पर बैठ गए। उनके समर्थन में कई किसानों ने सुभाष चौक स्थित सार्वजनिक स्थल पर धरना दिया। एसएमओ के खिलाफ प्रदर्शन कर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने बीती 18 दिसंबर को वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमओ) कौशल कुमार के खिलाफ धान की तौल में धांधली का आरोप लगाकर कार्यालय के सामने धरना दिया था। एसडीएम के जांच के आश्वासन के बाद अगले दिन उन्होंने धरना समाप्त कर दिया था। इस दिन किसानों ने एसडीएम को एक ज्ञापन देकर कच्चे आढ़त में खरीदे गए धान का भुगतान, धान तौल की लिमिट बढ़ाने एवं सोसाइटी के क्रय केंद्रों में हुई ऑफलाइन खरीद की 6-आर दिए जाने आदि की मांग की थी।
किसानों का आरोप है कि मामले को हल्का जानकर उनकी मांगों पर कार्रवाई तो दूर आरोपी अधिकारी के खिलाफ उच्चाधिकारियों ने जांच करना तक गवारा नहीं समझा। इसी बात से नाराज किसानों ने शुक्रवार को सुभाष चौक पर धरना लगा दिया। यहां भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह, सुरजीत सिंह, सुखदीप सिंह, परमजीत, गुरविंद्र सिंह, गुरमेज, बलजिंदर, हरप्रीत कौर, दिव्या सिंह, महिमा, गगनदीप सिंह आदि मौजूद थे।
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अधिकारियों के नहीं पहुंचने से और आक्रोशित हुए किसान
किसानों ने शुक्रवार को सुबह 10 बजे एसएमओ कार्यालय के बाहर आमरण अनशन व धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि कोई अधिकारी उनकी बात सुनने के लिए आएगा। उन्होंने इस दौरान एसएमओ कार्यालय की तालाबंदी भी की। एक घंटे बाद जब कोई अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं आया तो उन्होंने सुभाष चौक पर धरना शुरू कर दिया। सड़क की एक साइड पर ट्रैक्टर लगाकर प्रशासन को चेताया कि यदि शाम चार बजे तक उनसे वार्ता नहीं की गई तो वे सड़क जाम कर देंगे। इससे पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई और यातायात बाधित होने लगा। देर शाम सीओ दीपक सिंह ने किसानों से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया लेकिन उन्होंने उनके अनुरोध को ठुकरा दिया। किसानों ने लंगर का इंतजाम कर धरना जारी रखा।