फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खनन की जद में विद्यालय, मंदिर और गौशाला

Wed, 20 Nov 2013 05:45 AM IST
Udham singh nagar
विज्ञापन
विज्ञापन
बाजपुर। दाबका बंजारा रोड प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन का पट्टा आवंटन होने से निकटवर्ती विद्यालय, गौशाला और मंदिर भी खनन की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार मासूमों के प्रति बेखबर है। इस मामले को लेकर ग्रामीण उग्र आंदोलन करने की तैयारी में जुटे हैं।
विज्ञापन

उल्लेखनीय हो कि गांव जोगीपुरा निवासी इंदर राम ने डेढ़ साल पूर्व हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने दाबका बंजारा रोड से कोसी कांटा रोड तक खनन कार्य पर रोक लगा दी थी। तभी से इस क्षेत्र में खनन कार्य प्रतिबंधित है। गांव गोबरा निवासी बलवीर सिंह से नैनीताल जिले के एक व्यक्ति ने दाबका में चार एकड़ भूमि क्रय कर शासन से पांच साल के लिए खनन का पट्टा आवंटित करा लिया है। प्रतिबंधित क्षेत्र खनन से राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोबरा (बनगड़), गौशाला और मंदिर की दूरी करीब पचास मीटर है। खनन होने से इन स्थानों को खतरा उत्पन्न होगा। ग्रामीण कहते हैं कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय में दलित कमजोर वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन खनन माफियाओं को इन सब बातों से कोई मतलब नही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश में सरकार किसी भी दल की बने लेकिन कोसी नदी और दाबका में माफियाओं की सत्ता बरकरार रहती है। सपा नेता राजेंद्र सब्बरवाल ने कहा कि सत्ताधारी नेताओं के दबाव में प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन का पट्टा आवंटन किया गया है। सपा इस मामले को प्रदेश स्तर पर उठाएगी।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें