काशीपुर। पुलिस ने धोखाधड़ी के लिए दूसरों के बैंक खाते खुलवाने, उनके एटीए कार्ड से बैंक खातों से ठगी से जमा रुपयों का ट्रांजेक्शन करने के आरोप में दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मास्टरमाइंड पुलिस पकड़ से बाहर है।
नगर के न्यू आवास विकास निवासी दिनेश कुमार पुत्र छिद्दा सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि नगर की रेलवे कालोनी निवासी नरेंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय राम सिंह ने अपने को स्टेट बैंक आफ इंडिया काशीपुर का एजेंट बताकर 12 जुलाई 2011 को स्वयं अपने पास से पांच सौ रुपया जमाकर उसका खाता खुलवाया। इसके अलावा नरेंद्र कुमार ने न्यू आवास विकास निवासी रवींद्र सिंह पुत्र मथुरा सिंह रावत, महेश चंद्र पुत्र रामप्रकाश, दिनेश कुमार पुत्र छिट्टा सिंह रेलवे कालोनी निवासी खिलेंद्र सिंह पुत्र जोगराज सिंह, सुरेंद्र सिंह पुत्र जोगराज सिंह, राजकुमार पुत्र रामेश्वर, धर्मेंद्र पुत्र बाबू राम , मनोज कुमार पुत्र लक्ष्मण के भी स्टेट बैंक में खाते खोले। खाता खोलने के बाद नरेंद्र कुमार ने उन सभी आठों लोगों के एटीएम कार्ड ले लिए और उसको छोड़कर बाकी सातों लोगों के बैंक खातों में ट्रांजिक्शन मैसेज देने के लिए अपना मोबाइल नंबर लिखा दिया, लेकिन उसने अपने खाते में अपना ही मोबाइल नंबर लिख। जब उसके खाते में लाखों रुपयों के जमा करने और निकालने की इंट्री आने लगी तो वह चौंक गया। पड़ताल पर ठगी के धंधे का भंडाफोड़ हो गया। नरेंद्र कुमार से इस संबंध में पूछा तो उसने कहा कि इमरान नामक व्यक्ति ने धोखाधड़ी कर इन सभी खातों में लोगों को ठगकर पैसा जमा कराया और एटीएम से निकलवा लिया।
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ठगी का बड़ा नेटवर्क है
बैंकों में लोगों के खाते खुलवा कर धोखाधड़ी से एटीएम कार्ड लेकर लाटरी के नाम से लोगों को ठगने वाले गिरोह में नरेंद्र कुमार तो एक प्यादा बताया जाता है। इमरान का गिरोह देशभर में फैला है। जो भोले भाले युवकों का बैंक में खाते खुलवाते हैं और उनके एटीएम कार्ड ले लेते हैं। फिर लोगों को मैसेज भेजकर कहते हैं कि उनकी लाटरी निकल गई। इसे पाने के लिए उनके खाते में रकम जमा कराओ। रकम जमा करते ही खाते से रुपया निकाल लेते हैं।